प्रयागराज में गंगा नदी पर आकार ले रहा नया सिक्स लेन पुल केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं है, बल्कि संगम नगरी में आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों…
प्रयागराज में गंगा नदी पर आकार ले रहा नया सिक्स लेन पुल केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं है, बल्कि संगम नगरी में आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए एक आधुनिक सौगात बनने जा रहा है
मलाक हरहर से स्टैनली रोड स्थित कलश चौराहा तक फैला यह लगभग दस किलोमीटर लंबा पुल उत्तर प्रदेश की सबसे भव्य सड़क परियोजनाओं में गिना जा रहा है. इस विशाल पुल का निर्माण फरवरी 2021 में करीब 1947 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ था और 67 मजबूत पिलरों पर टिका यह ढांचा अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है. यात्रियों के सफर को यादगार बनाने के लिए मलाक हरहर स्थित प्रवेश द्वार पर विशेष सुविधाएं विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है. शुरुआती योजना के अनुसार यहाँ चौदह लेन का एक बड़ा टोल प्लाजा बनना था, लेकिन अब लेन की संख्या घटाकर छह करने और शेष आठ लेन की जगह का उपयोग आकर्षक सेल्फी प्वाइंट और आधुनिक फूड कोर्ट विकसित करने के लिए किया जा रहा है
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इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि यहां से गुजरने वाले मुसाफिर संगम तट की सुंदरता और रात में जगमगाती थीम लाइटिंग को अपने कैमरों में सहेज सकें. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को इस बदलाव की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है और हरी झंडी मिलते ही इसका निर्माण तेजी से पूरा कर लिया जाएगा. सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए मलाक हरहर में तीन मंजिला कमांड सेंटर का निर्माण किया जा रहा है. यह सेंटर ऑटोमैटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और हाई क्वालिटी सीसीटीवी कैमरों से लैस होगा, जिसके जरिए पूरे 9.9 किलोमीटर लंबे मार्ग पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी
इसके अलावा, पुल पर सरपट दौड़ती गाड़ियों के शोर से पास के म्योराबाद और बेली क्षेत्र में रहने वाले लोगों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए शहर की तरफ विशेष साउंड बैरियर लगाए जाएंगे. कलश चौराहा के पास दोनों लेन में करीब 1800 मीटर की लंबाई में दो करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से यह बैरियर लगाने की योजना बनाई गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस ऐतिहासिक पुल के लोकार्पण की संभावना जताई जा रही है और नवंबर के महीने तक इसे आम जनता और वाहनों के आवागमन के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाएगा. इस पुल के चालू होते ही प्रयागराज शहर और इसके आसपास के इलाकों को लंबे समय से चली आ रही भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी
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