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Ghazipur Flood Alert: गंगा का जलस्तर 62.300 मीटर पहुंचा, खतरे के निशान से महज 80 सेंटीमीटर दूर; प्रशासन अलर्ट

🕐 24 Aug 2026, 05:00 pm• 2 min padho • Chugal Khor News
Ghazipur Flood Alert: गंगा का जलस्तर 62.300 मीटर पहुंचा, खतरे के निशान से महज 80 सेंटीमीटर दूर; प्रशासन अलर्ट

गाजीपुर। जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ते हुए गंगा का पानी 62.300 मीटर तक पहुंच गया है। गंगा का निर्धारित खतरे का निशान 63.105 मीटर है। ऐसे में जलस्तर अब खतरे के निशान से महज 80.5 सेंटीमीटर नीचे रह गया है।

लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गंगा के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं।

गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर अब रेवतीपुर ब्लॉक के कई गांवों में दिखाई देने लगा है। नकदीलपुर, बीरउपुर समेत आसपास के गांवों को जोड़ने वाली सड़कों तक पानी पहुंच गया है।

निचले इलाकों और खेतों में भी बाढ़ का पानी फैलने लगा है। यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में रेवतीपुर क्षेत्र के कई गांव प्रभावित हो सकते हैं।

बाढ़ की आशंका को देखते हुए ग्रामीण भी अपने स्तर पर तैयारियों में जुट गए हैं। कई लोग अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ चारा और भूसा जुटा रहे हैं।

संभावित बाढ़ को देखते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्थिति गंभीर होने से पहले ही सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।

डीएम ने पर्याप्त मात्रा में राहत सामग्री, नाव और बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।

जिलाधिकारी ने सब्बलपुर कलां में गंगा के कटान से प्रभावित क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम प्रधान और स्थानीय लोगों से बातचीत कर जमीनी स्थिति की जानकारी ली।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ और कटान से प्रभावित होने वाले लोगों के लिए राहत सामग्री, नाव और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित रखी जाए।

बाढ़ की स्थिति में बड़ी संख्या में पशुओं के प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पशुओं के लिए भी तैयारी शुरू कर दी है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पर्याप्त मात्रा में चारा-भूसा पहले से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि बाढ़ की स्थिति में पशुपालकों को परेशानी न हो।

प्रशासन की ओर से गंगा के जलस्तर, बाढ़ और कटान की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी तरह की आपात स्थिति सामने आने पर प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ई-खसरा की स्थिति की भी जानकारी ली।

प्रशासन का मुख्य फोकस बाढ़ की स्थिति गंभीर होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने पर है। राहत सामग्री, नाव, बचाव उपकरण और पशुओं के लिए चारा-भूसा की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

गंगा का जलस्तर यदि इसी तरह बढ़ता रहा तो तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

स्रोत: Filmitics

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