GCC समिट में सीएम योगी का अखिलेश यादव पर निशाना, बोले अखिलेश को नहीं ईश्वर पर विश्वास! -

उत्तर प्रदेश अब अपनी पहचान केवल धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि आधुनिक तकनीक, नवाचार, रिसर्च और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के क्षेत्र में भी दुनिया के सामने नई मिसाल पेश करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, बदली हुई कानून-व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के अनुकूल माहौल को प्रदेश की नई ताकत बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश असीम संभावनाओं वाला प्रदेश है। यही वह धरती है, जहां प्रभु श्रीराम ने जन्म लेकर मर्यादा, सुशासन और रामराज्य की अवधारणा को स्थापित किया। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि भी इसी प्रदेश में है। प्रयागराज का संगम, काशी की ज्ञान परंपरा और नैमिषारण्य की आध्यात्मिक विरासत उत्तर प्रदेश को विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। प्राचीन काल से ही यह भूमि ज्ञान, शोध, विचार-विमर्श और नवाचार का प्रमुख केंद्र रही है। अब इसी परंपरा को आधुनिक दौर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
लखनऊ में आयोजित GCC Innovation Summit 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत के मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का 55 फीसदी और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का 60 फीसदी उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। 2030-31 तक 500 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने के लक्ष्य के साथ यूपी निवेश, नवाचार और रोजगार के नए अवसर खोल रहा है। सीएम योगी ने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री नोएडा जाने से भी बचते थे, क्योंकि उन्हें ईश्वर पर नहीं, सिर्फ कुर्सी पर विश्वास था। उन्होंने कहा कि आज वही नोएडा विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंच रहा है।योगी आदित्यनाथ ने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में ज्ञान को हमेशा सर्वोच्च सम्मान दिया गया। काशी, उज्जैन और कांचीपुरम जैसे केंद्र विद्वता और बौद्धिक विमर्श के महत्वपूर्ण स्थल रहे हैं। भारतीय मनीषा ने ज्ञान को किसी एक व्यक्ति या विचार तक सीमित नहीं रखा, बल्कि जहां से भी ज्ञान मिले, उसे स्वीकार करने की परंपरा विकसित की। मुख्यमंत्री के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की यही बौद्धिक विरासत आज नवाचार, अनुसंधान एवं विकास और आधुनिक तकनीकी क्षमताओं के विस्तार का आधार बन सकती है।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश की पहचान खराब कानून-व्यवस्था, बिजली संकट, कमजोर बुनियादी ढांचे और नीतिगत अनिश्चितता से जुड़ी थी। निवेशक प्रदेश में आने से कतराते थे। उद्योगपतियों के सामने सुरक्षा और सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ी अनेक चुनौतियां थीं। युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं थे और कारोबारियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश को जमीन पर उतारने, उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसर पैदा करने पर सरकार का विशेष ध्यान है।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के करीब 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। सरकार का प्रयास है कि बेहतर औद्योगिक वातावरण तैयार कर युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं।योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में हुए बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क, रेल कनेक्टिविटी, मेट्रो सेवाओं और हवाई संपर्क का विस्तार हुआ है।
प्रदेश में पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और 17 घरेलू एयरपोर्ट होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी औद्योगिक विकास और निवेश के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करती है।मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पूंजीगत व्यय के लिए बड़े स्तर पर संसाधन खर्च किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य सड़कों, बिजली, परिवहन, औद्योगिक क्षेत्रों और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करके उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में शामिल करना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत डिजिटल इंडिया, सेमीकंडक्टर मिशन और तकनीकी विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश भी इन संभावनाओं का लाभ उठाकर वैश्विक कंपनियों के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना चाहता है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर आधुनिक कंपनियों के ऐसे केंद्र होते हैं, जहां तकनीकी सेवाओं, सॉफ्टवेयर, डेटा एनालिटिक्स, अनुसंधान, वित्तीय सेवाओं और वैश्विक कारोबारी संचालन जैसे कार्य किए जाते हैं।
इन केंद्रों की स्थापना से उच्च कौशल वाले रोजगार, तकनीकी प्रशिक्षण, नवाचार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती है।मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था, निवेश अनुकूल नीतियां, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़ी युवा आबादी मौजूद है। इन क्षमताओं का उपयोग करके उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और आधुनिक उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट है,उत्तर प्रदेश अपनी प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक, नवाचार और औद्योगिक विकास से जोड़कर देश की अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका को और मजबूत करना चाहता है।
स्रोत: Filmitics
