S Jaishankar Fires Back Pakistani Reporter: संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में जब पूरी दुनिया की निगाहें अंतरराष्ट्रीय शांति और कूटनीति पर टिकी थीं, तभी भारतीय विदेश…
S Jaishankar Fires Back Pakistani Reporter: संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में जब पूरी दुनिया की निगाहें अंतरराष्ट्रीय शांति और कूटनीति पर टिकी थीं, तभी भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने हमेशा की तरह अपनी हाजिरजवाबी और बेबाक शैली से एक पाकिस्तानी पत्रकार की बोलती बंद कर दी. शुक्रवार को प्रेस से बातचीत के दौरान भारत की विदेश नीति, वैश्विक सुरक्षा और आतंकवाद के खात्मे पर चर्चा चल रही थी. इसी बीच एक पाकिस्तानी रिपोर्टर ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हुए भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद फैलाने का बेबुनियाद आरोप मढ़ दिया
विदेश मंत्री ने बिना किसी झिझक के एक ही झटके में इस पाखंड को तार-तार कर दिया. उन्होंने बेहद शांत अंदाज में कहा कि एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है. इतना तीखा और सीधा जवाब देने के बाद वे मंद मुस्कान के साथ वहां से आगे बढ़ गए. उनके इस अंदाज ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत अब किसी भी वैश्विक मंच पर झूठे आरोपों को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है
#WATCH | 81st UNGA Session | "A terrorist country is asking me that question," says EAM Dr S Jaishankar in response to a Pakistani’s attempt at heckling EAM with a terrorism ‘question’ pic.twitter.com/wIfu9OUhfO
पाकिस्तानी पत्रकारों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस तरह की फटकार मिलना कोई नई बात नहीं है. दिसंबर 2022 में भी न्यूयॉर्क के अंदर बिल्कुल ऐसी ही स्थिति बनी थी. तब एक पाकिस्तानी रिपोर्टर ने जयशंकर से सवाल पूछा था कि दक्षिण एशिया में भारत, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से जुड़े आतंकवाद का सिलसिला आखिर कब तक थमेगा. उस समय भी विदेश मंत्री ने अपनी लाजवाब वाकपटुता का नमूना पेश करते हुए कहा था कि आप गलत मंत्री से सवाल कर रहे हैं
पाकिस्तान कब तक आतंकवाद को जारी रखना चाहता है, इसका जवाब सिर्फ पाकिस्तान का मंत्री ही दे सकता है. इतिहास गवाह है कि जब भी सीमा पार से झूठे नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की जाती है, भारत का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के सामने सच्चाई का आईना रख देता है
भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में आतंकवाद हमेशा से सबसे बड़ा विवाद रहा है. भारत ने लगातार वैश्विक मंचों पर यह साबित किया है कि पाकिस्तान किस तरह अपनी जमीन से आतंकी संगठनों को पनाह, प्रशिक्षण और वित्तीय मदद मुहैया कराता रहा है. भले ही इस्लामाबाद इन हकीकतों से आंखें चुराता रहे और आरोपों को खारिज करता रहे, लेकिन दुनिया उसकी हकीकत से भली-भांति वाकिफ है
भारत ने अप्रैल 2025 में हुए कायराना पहलगाम आतंकी हमले की गूंज भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाई है, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी. इस हमले के जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर सख्त कदम उठाए थे. भारत ने हर बड़े मंच पर साफ कहा है कि जब तक आतंकी फंडिंग और सीमा पार से चलने वाले आतंकी अड्डों पर ताला नहीं लगता, तब तक शांति की कोई भी बातचीत संभव नहीं है
प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्री का ध्यान सिर्फ पाकिस्तान के बयानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने दुनिया के सामने खड़े एक और बड़े खतरे पर रोशनी डाली. जयशंकर ने खाड़ी, लाल सागर और ब्लैक सी में व्यापारिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर गहरी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं अब इक्का-दुक्का मामले नहीं रह गए हैं, बल्कि यह एक खतरनाक सिलसिला बन चुका है
समुद्री व्यापारिक मार्गों पर हो रहे ये हमले न केवल वैश्विक व्यापार को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि इन जहाजों पर काम करने वाले निर्दोष नागरिकों की जिंदगी को भी खतरे में डाल रहे हैं. भारत ने इस संकट को पूरी दुनिया के लिए साझा चिंता का विषय बताया






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