लखनऊ, 21 सितंबर। दिव्यांगजनों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में योगी सरकार की शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना अहम भूमिका निभा रही है। यो…
लखनऊ, 21 सितंबर। दिव्यांगजनों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में योगी सरकार की शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना अहम भूमिका निभा रही है। योजना के तहत दिव्यांग दंपत्तियों को विवाह के बाद आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने में सहयोग दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 18 दिव्यांग दंपत्तियों को योजना का लाभ मिल चुका है।सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए 2.64 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। इसके सापेक्ष अब तक 4.55 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
योजना का संचालन ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे पात्र लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया जा सके।योजना के तहत 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र दंपत्तियों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। राशि दिव्यांगता की स्थिति के आधार पर निर्धारित है। यदि पति दिव्यांग हैं तो 15 हजार रुपये, पत्नी दिव्यांग हैं तो 20 हजार रुपये और पति-पत्नी दोनों दिव्यांग हैं तो 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। लाभार्थियों को यह धनराशि पीएफएमएस के माध्यम से सीधे ई-पेमेंट के जरिए उपलब्ध कराई जाती है। ऑनलाइन प्रक्रिया के चलते आवेदन से लेकर भुगतान तक की व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
योगी सरकार की इस योजना से पिछले नौ वित्तीय वर्षों में बड़ी संख्या में दिव्यांग दंपत्तियों को आर्थिक सहायता मिली है। वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक कुल 6698 दिव्यांग दंपत्तियों को योजना का लाभ दिया गया। वहीं, 2025-26 में अकेले 805 दंपत्तियों को आर्थिक प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने कहा कि शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना दिव्यांगजनों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य दिव्यांग दंपत्तियों को उनके वैवाहिक जीवन में आर्थिक संबल देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करना है।सरकार का जोर इस बात पर है कि पात्र दिव्यांग दंपत्तियों को योजना का लाभ आसानी से मिल सके और आर्थिक सहायता सीधे उनके खाते तक पहुंचे।






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