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5 Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में डिफेंस कॉरिडोर परियोजना के लिए अपनी जमीन देने वाले किसानों के सामने अब मुआवजे की रकम मिलने की समस्या खड़ी हो गई है। नर्वल तहसील क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के तहत करीब 60 किसानों के बैनामे कराए जा चुके हैं, लेकिन रजिस्ट्री के करीब 15 दिन बाद भी कई किसानों के बैंक खातों में मुआवजे की रकम नहीं पहुंची है।
मुआवजे के भुगतान का इंतजार कर रहे किसान तहसील कार्यालय से लेकर एडीएम भू-अध्याप्ति कार्यालय तक चक्कर लगा रहे हैं। किसानों का कहना है कि जमीन का बैनामा होने के बाद उन्होंने अपनी जमीन पर अधिकार छोड़ दिया है, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं मिलने से उनकी आर्थिक योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
नर्वल तहसील के हाथीपुर, महाराजपुर और फुफुवार सूई थोक में डिफेंस कॉरिडोर औद्योगिक परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में 18 सितंबर को फुफुवार गांव के पांच किसानों की जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी।
इसके बाद अलग-अलग किसानों के बैनामे कराए गए और अब तक करीब 60 किसान अपनी जमीन परियोजना के नाम कर चुके हैं। हालांकि, किसानों के अनुसार बैनामा होने के बावजूद भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
महाराजपुर निवासी विनय प्रताप सिंह, दीपिका, महेंद्र, युवराज और विराट समेत अन्य किसानों का कहना है कि उन्होंने भुगतान की स्थिति जानने के लिए तहसील अधिकारियों से कई बार संपर्क किया।
किसानों ने एडीएम भू-अध्याप्ति कार्यालय में भी जानकारी ली। गुरुवार को ट्रेजरी में भी भुगतान के संबंध में पता किया गया, लेकिन वहां से भी किसानों के खातों में रकम पहुंचने की पुष्टि नहीं हो सकी।
किसानों का कहना है कि बैनामा होने के बाद से वे मुआवजे की रकम का इंतजार कर रहे हैं। जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद किसान उस पर अपना अधिकार छोड़ चुके हैं, लेकिन रकम नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
कई किसानों ने बताया कि मुआवजे की रकम से उन्हें बच्चों की पढ़ाई, परिवार के जरूरी खर्च, कर्ज चुकाने और दूसरी जगह जमीन या व्यवसाय में निवेश करना था। भुगतान में देरी के कारण उनकी आगे की योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
किसानों के मुताबिक, बैनामा कराने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द ही मुआवजे की रकम उनके बैंक खातों में पहुंच जाएगी। लेकिन करीब 15 दिन बीतने के बाद भी भुगतान नहीं होने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
किसान यह जानने के लिए भी परेशान हैं कि मुआवजे की रकम किस स्तर पर लंबित है और भुगतान की निश्चित तारीख क्या है। किसानों का कहना है कि अधिकारियों की ओर से जल्द भुगतान का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन खाते में रकम आने तक उनकी चिंता बनी हुई है।
किसानों का कहना है कि यदि मुआवजे की रकम समय से मिल जाती तो वे इसका उपयोग अपने जरूरी कार्यों में कर सकते थे। भुगतान में देरी के कारण उनकी आर्थिक योजनाओं पर असर पड़ रहा है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि भुगतान प्रक्रिया में किसी स्तर पर तकनीकी या विभागीय अड़चन है तो उसे तत्काल दूर किया जाए और सभी पात्र किसानों के बैंक खातों में मुआवजे की रकम भेजी जाए।
एसडीएम नर्वल सत्यपाल प्रजापति ने बताया कि तहसील स्तर से भुगतान संबंधी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में धनराशि ट्रेजरी में पहुंच जाएगी और सोमवार तक सभी संबंधित किसानों के बैंक खातों में भुगतान पहुंचने की उम्मीद है।
अब किसानों की नजर प्रशासन की ओर से बताए गए भुगतान समय पर है।
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