लखनऊ, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां स्कन्दमाता की आराधना के अवसर पर नारी शक्ति, महिला सशक्तीकरण और बेटियों की शिक्षा को लेकर महत्वपूर्ण संदेश…
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां स्कन्दमाता की आराधना के अवसर पर नारी शक्ति, महिला सशक्तीकरण और बेटियों की शिक्षा को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सशक्त नारी ही समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की आधारशिला है। महिलाओं का स्वस्थ, शिक्षित और आत्मनिर्भर होना न केवल परिवार, बल्कि पूरे राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है।
सीएम योगी ने अपने संदेश में प्रदेश में मातृ स्वास्थ्य, बालिका शिक्षा, महिला सुरक्षा और रोजगार के अवसरों को लेकर किए गए प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले माताओं के स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा की उपेक्षा की गई, जबकि वर्तमान सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक कल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ाया है।
नवरात्रि में मां स्कन्दमाता की पूजा मातृत्व, करुणा और संतान के कल्याण से जुड़ी मानी जाती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति को प्रदेश की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया।उन्होंने कहा कि जब महिलाएं स्वस्थ, शिक्षित और समर्थ होंगी, तभी समाज और राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल होगा। महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।मुख्यमंत्री का संदेश महिला सशक्तीकरण, बालिका शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व के महत्व को रेखांकित करता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पहले बेटियों के विकास और माताओं के स्वास्थ्य की अपेक्षा राजनीतिक परिवारों को प्राथमिकता दी जाती थी।उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में मातृ स्वास्थ्य और बालिका शिक्षा की स्थिति चिंताजनक थी। अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था, दवाओं की कमी और संस्थागत प्रसव की कमजोर व्यवस्था के कारण मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को लेकर गंभीर चुनौतियां थीं।सीएम योगी के अनुसार, पिछले साढ़े नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इन क्षेत्रों में सुधार के लिए कई योजनाओं और कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने बालिका शिक्षा को महिला सशक्तीकरण की मजबूत नींव बताते हुए सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया।उनके अनुसार, ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का स्तर 36 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत से अधिक हो गया है।इस पहल के अंतर्गत विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है, ताकि बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिल सके। बेहतर शैक्षिक माहौल का लाभ छात्राओं को भी मिलता है और स्कूलों में उनकी पढ़ाई जारी रखने के अवसर मजबूत होते हैं।
सीएम योगी ने वंचित वर्गों की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिक परिवारों और वंचित वर्गों के बच्चों को आधुनिक आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इससे आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शैक्षिक अवसर मिल सकते हैं।वहीं, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक शिक्षा की सुविधा के विस्तार को बेटियों की पढ़ाई के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया गया। इसका उद्देश्य छात्राओं को माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर तक शिक्षा जारी रखने के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा में निवेश उनके आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और प्रदेश के भविष्य को मजबूत बनाने में निवेश है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहन और महिलाओं को उपचार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सुरक्षित मातृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण है।आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित पात्रता और नियमों के अनुसार कैशलेस उपचार की सुविधा मिलती है। इससे पात्र महिलाओं और परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता मिल सकती है।मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के व्यापक प्रयासों से जोड़ते हुए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की अहमियत पर जोर दिया।
बेटियों को शिक्षा के साथ रोजगार और करियर के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना भी महिला सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत पात्र अभ्यर्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिल सकती है।इस तरह की पहल का उद्देश्य युवाओं को अपनी प्रतिभा और मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में हुई वृद्धि का भी उल्लेख किया।दिए गए आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2016 तक उत्तर प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या लगभग 10 हजार थी, जो अब बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गई है।महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती भागीदारी को पुलिस बल में महिलाओं के लिए अवसरों के विस्तार और सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका से जोड़कर देखा जा सकता है।महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक सेवाओं में भागीदारी बढ़ने से उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की बेटियां अब अवसरों के अभाव की बाधाओं से आगे बढ़कर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।उन्होंने नारी शक्ति को प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के पर्याप्त अवसर देना जरूरी है।सीएम योगी के संदेश के अनुसार, जब बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है, तो वे अपनी प्रतिभा और परिश्रम से परिवार, समाज और प्रदेश का नाम रोशन करती हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश महिला सशक्तीकरण को केवल कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रखता, बल्कि इसे प्रदेश और देश के विकास से जोड़ता है।बालिका शिक्षा, सुरक्षित मातृत्व, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती भागीदारी जैसे विषय इस संदेश के प्रमुख केंद्र में हैं।
सीएम योगी का संदेश स्पष्ट है कि सशक्त नारी ही समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की आधारशिला है। महिलाओं को स्वस्थ, शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास प्रदेश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


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