7…

7 लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम स्वराज और ग्रामीण विकास को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के गांवों को आधुनिक सुविधाओं, डिजिटल तकनीक और बेहतर सरकारी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य गांवों को केवल विकास योजनाओं का लाभ देने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि ग्राम पंचायतों को सशक्त, गांवों को समृद्ध और उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ डिजिटल व्यवस्था और सरकारी सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने पर जोर दिया है।

सीएम योगी के मुताबिक, ग्राम सचिवालयों और पंचायत भवनों को ग्रामीण प्रशासन के नए केंद्र के तौर पर विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 57,600 ग्राम सचिवालयों में ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 57,694 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय स्थापित किए गए हैं। इन सचिवालयों में कंप्यूटर, इंटरनेट सहित विभिन्न सुविधाओं के जरिए ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

ई-ग्राम स्वराज के जरिए पंचायत स्तर पर योजनाओं, कार्यों और वित्तीय गतिविधियों की डिजिटल निगरानी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों को अब कई सरकारी सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

आधिकारिक और विभागीय जानकारी के अनुसार, ग्राम सचिवालयों में आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, पेंशन योजनाओं और मनरेगा से जुड़ी सेवाओं जैसी सुविधाओं तक ग्रामीणों की पहुंच आसान बनाने पर काम किया गया है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीणों को छोटी-छोटी सरकारी सेवाओं के लिए बार-बार ब्लॉक और तहसील मुख्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, ग्राम सचिवालयों के संचालन से हर गांव में 5 से 7 रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सहायक और डाटा एंट्री से जुड़े कार्यों के लिए व्यवस्था की गई है। इससे डिजिटल सेवाओं के संचालन के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।

ग्रामीण बच्चों और युवाओं को आधुनिक शिक्षा संसाधन उपलब्ध कराने के लिए 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।

उत्तर प्रदेश पंचायती राज विभाग के अनुसार, प्रथम चरण में चयनित 11,350 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों के भीतर आधुनिक डिजिटल संसाधनों से युक्त पुस्तकालय स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, स्मार्ट टीवी, किताबें, ई-बुक्स और डिजिटल शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।

इन डिजिटल लाइब्रेरियों का उद्देश्य ग्रामीण बच्चों, किशोरों और युवाओं को पढ़ाई, डिजिटल कंटेंट और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्थानीय स्तर पर संसाधन उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर यूपी’ ही ग्राम स्वराज की दिशा में सरकार का लक्ष्य है।

ग्राम सचिवालय, डिजिटल सेवाएं, पंचायत भवन और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी पहलों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन, शिक्षा और सरकारी सेवाओं को तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ पंचायतों को अधिक डिजिटल और सक्षम बनाना है।

Forgot your password? Get help