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CM योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट का बड़ा फैसला: शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा, 1.70 लाख से अधिक लोगों को लाभ -

🕐 27 Oct 2026, 06:10 pm• 2 min padho • Chugal Khor News
CM योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट का बड़ा फैसला: शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा, 1.70 लाख से अधिक लोगों को लाभ -

UP Cabinet Approves Cashless Medical Treatment for Over 1.70 Lakh Non-Teaching Education Staff and Their Families.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इस फैसले से अशासकीय सहायता प्राप्त एवं वित्तविहीन विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों और समग्र शिक्षा परियोजना के अंतर्गत कार्यरत शिक्षणेत्तर कार्मिकों को लाभ मिलेगा।

सरकार के इस निर्णय से 1.70 लाख से अधिक शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को लाभान्वित किए जाने का अनुमान है। योजना के तहत लाभार्थियों और उनके आश्रितों को सरकारी चिकित्सालयों के साथ-साथ योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों में भी भर्ती होकर उपचार कराने की कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों, वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों, संस्कृत महाविद्यालयों और वित्तविहीन संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों को इस सुविधा के दायरे में लाया जाएगा।

इस योजना से लगभग 48,062 कर्मचारियों को लाभ मिलने का अनुमान है। इनके लिए प्रति कर्मचारी 3,000 रुपये वार्षिक प्रीमियम की दर से लगभग 14.4186 करोड़ रुपये का वार्षिक वित्तीय व्यय भार अनुमानित है।

बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत बेसिक शिक्षा परिषद, अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों, वित्तविहीन विद्यालयों और समग्र शिक्षा परियोजना के तहत कार्यरत शिक्षणेत्तर कार्मिकों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी।

इस योजना से लगभग 1,22,304 कार्मिकों को लाभ मिलने का अनुमान है। इनके लिए प्रति कार्मिक 3,000 रुपये वार्षिक प्रीमियम की दर से 36.6912 करोड़ रुपये का वार्षिक वित्तीय व्यय भार अनुमानित किया गया है।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, लाभार्थी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ योजना से संबद्ध निजी चिकित्सालयों में भी अंतःरोगी विभाग (आईपीडी) के तहत कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी।

बेसिक शिक्षा विभाग की योजना का क्रियान्वयन स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) के माध्यम से कराए जाने का प्रस्ताव है। उपचार की दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा समय-समय पर निर्धारित दरों के अनुरूप होंगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 सितंबर, 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की घोषणा की थी। अब इस सुविधा का विस्तार शिक्षणेत्तर कार्मिकों तक किए जाने से बड़ी संख्या में कर्मचारियों और उनके परिवारों को उपचार के दौरान आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

स्रोत: Filmitics

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