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चंडीगढ़ बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी, MSP की कानूनी गारंटी समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन -

🕐 03 Sep 2026, 02:51 pm• 2 min padho • Chugal Khor News
चंडीगढ़ बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी, MSP की कानूनी गारंटी समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन -

चंडीगढ़ बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन गुरुवार, 3 सितंबर को तीसरे दिन भी जारी है, पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में किसान अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए हैं, संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आयोजित यह आंदोलन 1 सितंबर से 7 सितंबर तक चलने वाला है, किसान संगठनों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर अभी तक सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है।

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के वरिष्ठ नेता हरिंदर सिंह लखोवाल के मुताबिक, 32 किसान संगठनों ने लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का फैसला किया है, किसान नेताओं का कहना है कि वे कई वर्षों से अपनी मांगें सरकार के सामने रखते आ रहे हैं, इस दौरान राज्यपाल, मुख्यमंत्री, एसडीएम और डीसी समेत कई अधिकारियों को कई बार ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन अभी तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।

किसान संगठनों की प्रमुख मांगों में 22 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी शामिल है, इसके अलावा किसान उचित फसल बीमा योजना और किसानों के कर्ज माफ करने की मांग भी कर रहे हैं, हरिंदर सिंह लखोवाल ने कहा कि अगर सरकार बड़ी कंपनियों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर सकती है, तो किसानों के कर्ज को लेकर भी सरकार को विचार करना चाहिए।

किसानों ने अपने आंदोलन में पंजाब से जुड़े जल मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया है, किसान नेताओं ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर पुराने जल समझौतों को रद्द करने की दिशा में कदम उठाने की मांग की है, लखोवाल का कहना है कि इन जल समझौतों को हुए कई साल बीत चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर अभी तक कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है।

किसानों के मुताबिक, चंडीगढ़ बॉर्डर पर चल रहा यह आंदोलन 1 सितंबर से 7 सितंबर तक जारी रहेगा, किसान संगठनों ने सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और जल्द समाधान निकालने की अपील की है, अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या सरकार किसान संगठनों से बातचीत शुरू करती है या आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज होता है।

स्रोत: Filmitics

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