चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान से पैदा हुआ बड़ा बाढ़ संकट योगी सरकार और जिला प्रशासन की तत्परता से टल गया। प्रशासन की मुस्तैदी और राहत-बचाव टीमों के त्वरित…
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान से पैदा हुआ बड़ा बाढ़ संकट योगी सरकार और जिला प्रशासन की तत्परता से टल गया। प्रशासन की मुस्तैदी और राहत-बचाव टीमों के त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन के चलते किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। बाढ़ का पानी उतरते ही महज 24 घंटे के भीतर प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को सामान्य करने की कोशिशें तेज कर दी गईं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान की कमान संभाली। भारतीय वायुसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमों ने हेलीकॉप्टर, मोटरबोट और अन्य अत्याधुनिक संसाधनों की मदद से जलमग्न इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। अब तक रामघाट समेत विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों से 688 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
रेस्क्यू किए गए लोगों में रामघाट से 234, अमानपुर से 87, गोबरिया से 84, तरीहा से 82, पंडरी और मालिकाना से 77 और पासी तिराहा से 55 लोग शामिल हैं। इसके अलावा राजापुर के अरछा बरेठी गांव से 50 लोगों को सुरक्षित निकालकर शेल्टर होम पहुंचाया गया।
बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से भोजन और स्वच्छ पेयजल की लगातार व्यवस्था की जा रही है। 29 अगस्त को 2,700 लंच पैकेट वितरित किए गए थे, जबकि 30 और 31 अगस्त को पांच-पांच हजार से अधिक लंच पैकेट बांटे गए। प्रभावित परिवारों की मदद के लिए 4,000 विशेष बाढ़ राहत किट भी मंगाई गई हैं।
प्रशासन की तत्परता का असर यातायात व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। बाढ़ का पानी कम होने के बाद कर्वी में मंदाकिनी नदी के पास क्षतिग्रस्त हुए झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे को महज 22 घंटे में दुरुस्त कर वाहनों का आवागमन दोबारा शुरू करा दिया गया।
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक लगातार तरौहा, अमानपुर समेत अति प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम जारी है, जबकि शहर की पेयजल आपूर्ति को भी जल्द पूरी तरह सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मंदाकिनी नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए प्रशासन ने सभी राहत और बचाव टीमों को अलर्ट पर रखा है। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को तत्काल राहत देने और सामान्य जनजीवन जल्द से जल्द बहाल करने की है।





