कल का मौसम, 22 सितंबर: देशभर में मौसम का मिजाज अब तेजी से करवट ले रहा है और अलग-अलग इलाकों में बादलों के रंग भी जुदा नजर आ रहे हैं. एक तरफ जहां उत्तर भारत के म…

कल का मौसम, 22 सितंबर: देशभर में मौसम का मिजाज अब तेजी से करवट ले रहा है और अलग-अलग इलाकों में बादलों के रंग भी जुदा नजर आ रहे हैं. एक तरफ जहां उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से मॉनसून धीरे-धीरे अपने कदम पीछे खींच रहा है, वहीं दूसरी तरफ पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत के राज्यों पर अब भी बारिश का गहरा साया मंडरा रहा है

मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है. ऐसे में नए पूर्वानुमान के अनुसार 22 सितंबर को उत्तर पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में चटक धूप खिलेगी और वातावरण में उमस की जगह हल्की गर्माहट महसूस होगी

इसके ठीक उलट बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने का बड़ा खतरा बना हुआ है. इस दोहरे मिजाज के कारण कहीं लोगों को सूखे और सामान्य मौसम से राहत मिलेगी, तो कहीं अचानक आने वाली तेज बारिश जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर सकती है

Well marked low pressure area over West central & adjoining eastcentral Bay of Bengal. pic.twitter.com/rknVJpeWwU

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मॉनसून अब विदाई की दहलीज पर खड़ा है. इसी वजह से इन मैदानी इलाकों में 22 सितंबर को बारिश की संभावना न के बराबर है. दिन की शुरुआत खिली हुई धूप से होगी और शाम तक आसमान बिल्कुल साफ बना रहेगा

हालांकि, पहाड़ों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 21 से 25 सितंबर के दौरान कुछ जगहों पर छिटपुट बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है, लेकिन 22 सितंबर को कोई बड़ा मौसमी बदलाव नहीं होगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में कहीं-कहीं हल्की फुहारें भले पड़ जाएं, लेकिन उत्तर भारत के बड़े हिस्से में सूखा मौसम ही हावी रहने वाला है

राजधानी दिल्ली समेत आसपास के शहरों में बारिश का दौर थमने के बाद भी तापमान बहुत अधिक परेशान नहीं करेगा. दिल्ली में 22 सितंबर को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. इसका मतलब यह हुआ कि दिन के वक्त थोड़ी गर्माहट जरूर लगेगी, लेकिन शाम ढलते ही मौसम में हल्की नरमी आ जाएगी. इसी तरह जयपुर, लखनऊ और आसपास के शहरों में भी दिन का पारा 34 से 35 डिग्री के करीब रहेगा, जबकि शिमला जैसे पहाड़ी शहरों में अधिकतम तापमान 25 और रात का पारा 14 डिग्री तक गिर सकता है. कुल मिलाकर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में दिन थोड़े गर्म और रातें सुहावनी बनी रहेंगी

मध्य भारत के राज्यों में मौसम पूरी तरह शांत नहीं हुआ है. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में 22 सितंबर को आसमान में काले बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है. छत्तीसगढ़ में आगामी कुछ दिनों तक व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है, जहां बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ आंधी चलने की भी आशंका जताई गई है. पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट बारिश लोगों को भिगो सकती है. इसके साथ ही तेज रफ्तार से चलने वाली हवाएं मौसम में ठंडक घोलने का काम करेंगी, हालांकि कुछ संवेदनशील जगहों पर तेज बारिश की वजह से सतर्क रहने की हिदायत दी गई है

पूर्वी भारत का हाल इस समय सबसे ज्यादा चिंताजनक बना हुआ है. झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार में मॉनसून की सक्रियता अभी बनी हुई है. 22 सितंबर को अंडमान और निकोबार के अलावा झारखंड और ओडिशा में व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा. आने वाले दिनों में बिहार और पश्चिम बंगाल के गांगेय इलाकों में भी मूसलाधार बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है. बादलों के गरजने और बिजली चमकने के साथ ही ओडिशा के कई इलाकों में तेज अंधड़ चलने की आशंका है. इन राज्यों में भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में पानी भरने और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा मंडरा रहा है, जिससे बाढ़ जैसे हालात फिर से पैदा हो सकते हैं

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में 22 सितंबर को बारिश की सबसे तेज और आक्रामक गतिविधियां देखने को मिलेंगी. तटीय कर्नाटक, केरल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश होने का अनुमान है. गोवा और कोंकण के तटीय इलाकों में भी बादल जमकर बरसेंगे. इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्से में हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और समुद्र में न जाने की सलाह दी है. मौसम के इस बदलते तेवर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है