पटना: बिहार में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। गंगा समेत कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिसके चलते राज्य के कई इलाको…

पटना: बिहार में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। गंगा समेत कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिसके चलते राज्य के कई इलाकों में हालात तेजी से चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं। पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जबकि पुनपुन नदी भी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। तटवर्ती इलाकों में पानी का दबाव बढ़ने से प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और तैयारियां तेज कर दी हैं।

मुंगेर में गंगा का जलस्तर 39.36 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से करीब 3 सेंटीमीटर ऊपर बताया जा रहा है। वहीं, पटना के कई घाट पानी में डूब चुके हैं। नदी किनारे बसे इलाकों में लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण लोगों की चिंता बढ़ गई है।

गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर पटना के आसपास के दियारा और तटवर्ती क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। दानापुर दियारा के कई हिस्सों में पानी भर गया है। दूसरी ओर, अरवल में पुनपुन नदी का पानी करीब 30 गांवों तक पहुंचने की बात सामने आई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।

बढ़ते खतरे को देखते हुए पटना के जिलाधिकारी ने दीघा घाट, बिंद टोली और गोसाई टोला समेत कई संवेदनशील इलाकों का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से जलस्तर और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।

प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रोटेक्शन वॉल से जुड़े 108 रास्तों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा 13 स्लुईस गेट में लीकेज की समस्या को जल्द दुरुस्त करने को कहा गया है। इन तैयारियों का उद्देश्य नदी के बढ़ते पानी को संवेदनशील इलाकों में प्रवेश करने से रोकना और संभावित नुकसान को कम करना है।गंगा के अलावा सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक और बागमती समेत बिहार की कई नदियों में जलस्तर बढ़ा हुआ है। नदी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, राज्य के 13 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि 8 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में राहत और बचाव की तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है।इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज पटना और आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों का एरियल सर्वे करेंगे। एरियल सर्वे के जरिए मुख्यमंत्री जमीनी हालात का जायजा लेंगे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा कर सकते हैं।

बिहार में एक तरफ लगातार बारिश और दूसरी तरफ नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चुनौती बढ़ा दी है। खासकर पटना और आसपास के तटवर्ती इलाकों में लोगों की नजर अब प्रशासन की तैयारियों पर है। आने वाले दिनों में नदियों का जलस्तर और बढ़ता है या स्थिर होता है, यह स्थिति के लिए अहम होगा।फिलहाल प्रशासन संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ जल निकासी, सुरक्षा और संभावित राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों में जुटा है। लोगों से नदी और तटवर्ती क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की जा रही है।