बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हवाई सर्वेक्षण को लेकर जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने निशाना साधा है, उन्ह…

बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हवाई सर्वेक्षण को लेकर जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने निशाना साधा है, उन्होंने मुख्यमंत्री के हवाई सर्वे की तुलना पौराणिक कथा में वर्णित ‘पुष्पक विमान’ से करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को आसमान से नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 अगस्त 2026 को बिहार के कई बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया, इस दौरान उन्होंने पटना, बेगूसराय और भागलपुर के प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया, मुख्यमंत्री ने नवगछिया, राघोपुर दियारा और कोसी-गंगा संगम क्षेत्र समेत कई इलाकों का निरीक्षण किया, इसके अलावा बेगूसराय और बख्तियारपुर के आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति भी देखी गई, हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री भागलपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की।

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मुख्यमंत्री के हवाई सर्वे को लेकर तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की, पोस्ट में उन्होंने मुख्यमंत्री के हवाई सर्वेक्षण की तस्वीर के साथ रावण के पुष्पक विमान की तस्वीर भी लगाई, तेज प्रताप यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह रावण पुष्पक विमान से घूमता था, उसी तरह मुख्यमंत्री भी हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं, उन्होंने मुख्यमंत्री से ‘पुष्पक विमान’ का सपना छोड़कर बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पहुंचने की अपील की, उनका कहना है कि केवल हवाई सर्वेक्षण करने से बाढ़ से परेशान लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

सम्राट चौधरी जी, माननीय मुख्यमंत्री जी, आपसे हमको यही कहना है कि आप जिस तरीके से अपना पुष्पक विमान लेकर के आप बाढ़ प्रभावित एरिया में जो आप घूम रहे हैं, उससे ज़्यादा बेहतर अच्छा था कि आप नाव पे बैठ करके अपने हाथ से राशन बाँटते। लेकिन वो तो आप करिएगा नहीं, क्योंकि जिस तरीके से जब… pic.twitter.com/Eyv6BfcLEd

तेज प्रताप यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री को बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए नाव के जरिए लोगों के बीच पहुंचना चाहिए, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को खुद प्रभावित परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए और जरूरतमंदों को अपने हाथों से राहत सामग्री वितरित करनी चाहिए, तेज प्रताप के मुताबिक, जमीनी स्तर पर लोगों की वास्तविक स्थिति को समझने और तत्काल मदद पहुंचाने के लिए प्रशासन और सरकार की मौजूदगी प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी है।

वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित और निचले इलाकों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए, सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने, प्रभावित लोगों तक भोजन और पीने का पानी पहुंचाने, राहत सामग्री की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने, जरूरी मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने, नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।

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सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से भी बातचीत की, इसके बाद फरक्का बराज के सभी गेट खोले गए, जिससे पानी का दबाव कम होने की उम्मीद जताई गई, अधिकारियों के मुताबिक, पानी का दबाव कम होने के साथ आने वाले समय में बाढ़ की स्थिति में सुधार की संभावना है हालांकि, प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ जलस्तर की निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री के हवाई सर्वेक्षण को लेकर अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है, जहां सरकार इसे प्रभावित इलाकों की स्थिति का व्यापक जायजा लेने और राहत कार्यों की समीक्षा का हिस्सा बता रही है, वहीं तेज प्रताप यादव ने इसे लेकर मुख्यमंत्री पर राजनीतिक हमला बोला है, अब यह देखना अहम होगा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य कितनी तेजी से आगे बढ़ते हैं और सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों तक सहायता किस स्तर तक पहुंचाई जाती है।