Bahraich News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सीएम योगी ने महाराजा सुहेलदेव की वी…
Bahraich News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सीएम योगी ने महाराजा सुहेलदेव की वीरता का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 1000 वर्ष पहले महाराजा सुहेलदेव ने इसी बहराइच की धरती पर विदेशी आक्रांता सालार मसूद को पराजित कर भारत की भूमि को विदेशी आक्रांताओं से बचाने का काम किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज महाराजा सुहेलदेव की विजयगाथा को सम्मान मिल रहा है और उनके नाम पर भव्य स्मारक तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के बाद कई दशकों तक महाराजा सुहेलदेव के योगदान को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि जिस विदेशी आक्रांता ने भारत को अपमानित करने का प्रयास किया, उसके नाम पर लंबे समय तक आयोजन होते रहे।
सीएम योगी ने कहा कि अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और महाराजा सुहेलदेव की वीरता और विजयगाथा को प्रमुखता से सामने लाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव ने बहराइच की धरती पर विदेशी आक्रांता सालार मसूद के खिलाफ संघर्ष किया था। उन्होंने इसे भारत की धरती और संस्कृति की रक्षा से जोड़ते हुए महाराजा सुहेलदेव की वीरता को याद किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव की गाथा आने वाली पीढ़ियों को देश की रक्षा और स्वाभिमान की प्रेरणा देती है।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि आज बहराइच में विदेशी आक्रांता के नाम पर होने वाले आयोजनों की जगह महाराजा सुहेलदेव की विजयगाथा को सम्मान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक तैयार हो चुका है, जो उनकी वीरता और ऐतिहासिक योगदान की याद दिलाएगा।
मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव के स्मारक को इतिहास और गौरव से जोड़ते हुए कहा कि यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को उनके शौर्य और राष्ट्र रक्षा के योगदान से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में जिन वीर योद्धाओं ने विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ संघर्ष किया, उनके योगदान को सामने लाना जरूरी है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती का इतिहास वीरता और संघर्ष की गाथाओं से भरा हुआ है। महाराजा सुहेलदेव जैसे महान योद्धाओं की स्मृतियों को संरक्षित करने से युवाओं को अपनी ऐतिहासिक विरासत को समझने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री के संबोधन में महाराजा सुहेलदेव, बहराइच और सालार मसूद से जुड़ा इतिहास प्रमुख रूप से चर्चा में रहा।





