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बहराइच में 4 हजार वोटों का फैसला! 2027 में BJP बचाएगी सीट या SP करेगी बड़ा उलटफेर? -

🕐 08 Sep 2026, 03:51 pm• 2 min padho • Chugal Khor News
बहराइच में 4 हजार वोटों का फैसला! 2027 में BJP बचाएगी सीट या SP करेगी बड़ा उलटफेर? -

बहराइच। उत्तर प्रदेश की सियासत में कुछ विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां जीत और हार का अंतर पूरे चुनावी मुकाबले की तस्वीर बदल देता है। बहराइच विधानसभा सीट भी ऐसी ही सीट है। 2022 के विधानसभा चुनाव में यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच मुकाबला इतना करीबी रहा कि महज 4,078 वोटों ने जीत का फैसला कर दिया। अब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बीजेपी अपनी इस सीट को बचा पाएगी या समाजवादी पार्टी पिछली हार का हिसाब चुकता करते हुए सत्ता का समीकरण बदल देगी?

उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में बहराइच विधानसभा सीट नंबर 286 है। 2022 के चुनाव में बीजेपी की अनुपमा जायसवाल ने 1,07,628 वोट हासिल करते हुए जीत दर्ज की थी। वहीं समाजवादी पार्टी के यासर शाह को 1,03,550 वोट मिले थे।दोनों उम्मीदवारों के बीच वोटों का अंतर सिर्फ 4,078 वोट रहा। यह आंकड़ा बताता है कि बहराइच में मुकाबला कितना कांटे का था। चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के नईम 10,299 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे, जबकि कांग्रेस के रईस अहमद को 3,275 वोट मिले।यानी 2022 में बीजेपी को जीत जरूर मिली, लेकिन सपा ने उसे कड़ी चुनौती दी थी। यही वजह है कि 2027 के चुनाव में इस सीट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और संभावित समीकरण बेहद अहम माने जा रहे हैं।

अगले विधानसभा चुनाव में सिर्फ पार्टी का चुनाव चिह्न ही निर्णायक नहीं होगा। स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवार की स्वीकार्यता और जमीनी संगठन भी परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। बहराइच में रोजगार, सड़क, बिजली-पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं, किसानों की समस्याएं, कानून-व्यवस्था और स्थानीय विकास जैसे मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में रह सकते हैं।बीजेपी 2022 की जीत को आधार बनाकर अपने संगठन और सरकार के कामकाज को जनता के बीच लेकर जाने की कोशिश कर सकती है। वहीं समाजवादी पार्टी के सामने 2022 में मिली करीबी हार को जीत में बदलने की चुनौती होगी।

बहराइच जैसी सीट पर सामाजिक और जातीय समीकरण भी चुनावी परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अलग-अलग दलों के बीच वोटों का बंटवारा और छोटे दलों या अन्य उम्मीदवारों का प्रदर्शन भी बीजेपी और सपा के बीच मुकाबले को प्रभावित कर सकता है।हालांकि 2027 के लिए उम्मीदवारों को लेकर अंतिम तस्वीर अभी साफ नहीं है। इसलिए मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को संभावनाओं के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

2022 में बीजेपी ने बहराइच सीट जीती थी, लेकिन करीब 4 हजार वोटों का अंतर यह संकेत देता है कि मुकाबला एकतरफा नहीं था। ऐसे में 2027 में बीजेपी के सामने अपनी बढ़त बनाए रखने की चुनौती होगी, जबकि सपा पिछली बार के प्रदर्शन को आधार बनाकर वापसी की कोशिश कर सकती है।अब देखना होगा कि चुनावी मैदान में कौन से उम्मीदवार उतरते हैं, स्थानीय मुद्दे किस तरह आकार लेते हैं और किस पार्टी का संगठन बूथ स्तर तक कितना मजबूत दिखाई देता है।बहराइच में इस बार मुकाबला सिर्फ एक सीट की लड़ाई नहीं होगा, बल्कि 2022 के बेहद करीबी मुकाबले को दोहराने या उसका परिणाम पलटने की सियासी जंग भी होगी।

स्रोत: Filmitics

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