भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नई जिम्मेदारियां तय की हैं.…

भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नई जिम्मेदारियां तय की हैं. पार्टी की ओर से यह बदलाव ऐसे समय किया गया है, जब उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज हो रही हैं. नई नियुक्तियों में कई वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है

उत्तर प्रदेश में पार्टी ने राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को प्रभारी नियुक्त किया है. उनके साथ जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. तावड़े के लिए यह जिम्मेदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं

नई जिम्मेदारी मिलने के बाद तावड़े उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक बैठकों और चुनावी तैयारियों की समीक्षा भी कर चुके हैं. उन्होंने वरिष्ठ नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों के साथ संगठन की स्थिति पर चर्चा की है

उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा विधानसभा वाला राज्य है और यहां चुनावी तैयारियां काफी पहले शुरू हो जाती हैं. तावड़े की जिम्मेदारी में प्रदेश संगठन के साथ समन्वय, बूथ स्तर तक पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा और चुनावी तैयारियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर काम करना शामिल रहेगा

तावड़े के साथ जगदीश पटेल को सह-प्रभारी बनाए जाने से राज्य संगठन में केंद्रीय नेतृत्व और स्थानीय इकाइयों के बीच समन्वय की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी

पंजाब में पार्टी ने राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सतीश पूनिया को प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि अलका गुर्जर को सह-प्रभारी बनाया गया है

पंजाब में भी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में नई नियुक्तियों को राज्य में संगठन को चुनाव के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. पूनिया के सामने राज्य संगठन के साथ तालमेल और चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी

राजस्थान में संजय भाटिया को प्रभारी बनाया गया है. उनके साथ कविता पाटीदार और कुलजीत चहल को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है

राजस्थान में हाल ही में विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, लेकिन संगठनात्मक स्तर पर नई जिम्मेदारियों के जरिए पार्टी ने राज्य में अपनी व्यवस्था को आगे बढ़ाने का काम जारी रखा है

महाराष्ट्र में पार्टी ने बैजयंत जय पांडा को प्रभारी नियुक्त किया है. उनके साथ अमित मालवीय, सदानंद शेट तनावाडे और कमलजीत सहरावत को सह-प्रभारी बनाया गया है

यहां चार नेताओं की टीम राज्य संगठन के साथ मिलकर पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाएगी. बैजयंत पांडा इससे पहले भी पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं

बिहार में हरीश द्विवेदी को प्रभारी नियुक्त किया गया है. उनके साथ संगीता यादव और रोहन गुप्ता सह-प्रभारी की भूमिका निभाएंगे

वहीं छत्तीसगढ़ में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को प्रभारी बनाया गया है और सिद्धार्थ शम्भू को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है

स्मृति ईरानी को संगठन में नई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना हालिया फेरबदल का एक प्रमुख हिस्सा है. इससे पहले उन्हें पार्टी की राष्ट्रीय टीम में भी महत्वपूर्ण भूमिका दी गई थी

राज्य प्रभारियों की भूमिका किसी प्रदेश में पार्टी संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय की होती है. वे प्रदेश नेतृत्व के साथ बैठकें करते हैं, संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करते हैं और पार्टी की केंद्रीय रणनीति को राज्य स्तर पर लागू कराने में भूमिका निभाते हैं

खास तौर पर उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे चुनावी राज्यों में इन नियुक्तियों का महत्व बढ़ जाता है. उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए विनोद तावड़े ने संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा शुरू कर दी है, जबकि पंजाब में सतीश पूनिया को नई जिम्मेदारी दी गई है

पार्टी का यह संगठनात्मक फेरबदल ऐसे समय हुआ है जब अगले विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक दल अपनी तैयारियां तेज कर रहे हैं. नई टीम में अनुभवी नेताओं को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है

अब इन प्रभारियों के सामने प्रदेश संगठन के साथ समन्वय मजबूत करने, स्थानीय मुद्दों की समीक्षा करने और पार्टी की चुनावी तैयारियों को व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी होगी. उत्तर प्रदेश और पंजाब में आने वाले महीनों में इन नेताओं की गतिविधियां खास तौर पर चर्चा में रह सकती हैं

इस नई नियुक्ति सूची के जरिए पार्टी ने अलग-अलग राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास किया है. आने वाले समय में इन प्रभारियों की बैठकों, राज्य दौरों और संगठनात्मक फैसलों से यह स्पष्ट होगा कि संबंधित राज्यों में पार्टी किस तरह अपनी चुनावी और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाती है