Chhapra Doublr Decker Flyover: छपरा शहर को भीषण जाम से राहत दिलाने और विकास की नई उड़ान देने के सपने के साथ डबल डेकर फ्लाई ओवर का निर्माण शुरू हुआ था. आठ साल ब…

Chhapra Doublr Decker Flyover: छपरा शहर को भीषण जाम से राहत दिलाने और विकास की नई उड़ान देने के सपने के साथ डबल डेकर फ्लाई ओवर का निर्माण शुरू हुआ था. आठ साल बीत जाने के बाद भी यह महत्वाकांक्षी योजना धरातल पर पूरी नहीं उतर सकी है. जिस पुल को शहर के लोगों के लिए वरदान साबित होना था, वही आज स्थानीय निवासियों और व्यापारियों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुका है. निर्माण कार्य की सुस्त चाल और सड़कों की बदहाली ने पूरे इलाके की रफ्तार रोक दी है

इस योजना की नींव साल 2018 में करीब 411 करोड़ रुपये के बजट के साथ रखी गई थी. शुरुआती योजना के अनुसार इस पुल को जून 2022 तक बनकर तैयार हो जाना चाहिए था. लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के चार साल बाद भी आधा काम भी पूरा नहीं हो पाया है. देरी का सीधा असर सरकारी खजाने पर पड़ा है. अब इस पूरे प्रोजेक्ट की संशोधित लागत बढ़कर करीब 696 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. यानी इस पुल के निर्माण में करीब 285 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ चुका है. अब प्रशासन ने निर्माण एजेंसी को मार्च 2027 तक का नया लक्ष्य सौंपा है

गांधी चौक, मौना चौक और नगर पालिका चौक जैसे व्यस्ततम इलाकों में निर्माण कार्य के कारण सड़कें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं. जगह-जगह भारी बैरिकेडिंग और खोदे गए गड्ढों की वजह से दिनभर भयंकर जाम की स्थिति बनी रहती है. बारिश के दिनों में यह परेशानी दोगुनी हो जाती है. पुल निर्माण के दौरान पुराने नालों को ध्वस्त कर दिया गया, जिसके चलते बारिश का पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा है. स्थिति यह है कि स्थानीय मॉल, दुकानों और घरों के आगे घुटनों तक गंदा पानी भर जाता है. लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो चुका है