फर्रुखाबाद, 3 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने सदर, क…

फर्रुखाबाद, 3 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने सदर, कायमगंज और अमृतपुर तहसीलों में बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण किया। इसके बाद पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में बाढ़ प्रभावित 1000 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई। मुख्यमंत्री ने कई पीड़ित परिवारों को अपने हाथों से राहत सामग्री प्रदान की। इसके साथ ही आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और आपदा मोचक निधि से राहत राशि के चेक भी दिए।मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ित परिवारों से संवाद करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। जरूरत के मुताबिक हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने प्रशासन, लोक निर्माण विभाग समेत संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि बाढ़ का पानी उतरते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और निर्माण का काम तत्काल शुरू कराया जाए, ताकि लोगों की आवाजाही और संपर्क व्यवस्था प्रभावित न हो।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मां गंगा के उफान के कारण फर्रुखाबाद में बाढ़ का पानी फैल रहा है, जिससे फसलों को काफी नुकसान हुआ है। सरकार ने पिछले नौ वर्षों में बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी सैकड़ों करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। अब बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गंगा नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की ओर से भी नदी को चैनलाइज करने का सुझाव दिया गया है। ड्रेजिंग से निकलने वाली सिल्ट का इस्तेमाल नदी के बाहर तटबंध के रूप में किया जा सकता है। नदी का प्रवाह व्यवस्थित होने से बाढ़ के दौरान पानी के फैलाव को नियंत्रित करने और फसलों को बचाने में मदद मिलेगी।सीएम ने प्रशासन को ड्रेजिंग की तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए और किसानों से इस परियोजना में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि बाढ़ नियंत्रण के कार्य में किसी किसान की जमीन आती है तो उसे उचित मुआवजा दिया जाएगा। सरकार फर्रुखाबाद को बाढ़ की समस्या से स्थायी रूप से राहत दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे रिपोर्ट मिलते ही पात्र किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि भेजी जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान सांप, बिच्छू और अन्य विषैले जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए सीएचसी, जिला अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम, एंटी रेबीज वैक्सीन और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा, दवा और वैक्सीन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियां और राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है, वहां प्रभावित परिवारों के रहने और भोजन की व्यवस्था कराई गई है। जो लोग अपने घरों में सुरक्षित रह सकते हैं, उन्हें 50 किलो की राहत सामग्री किट उपलब्ध कराई जा रही है। इस किट में 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, 2 किलो अरहर दाल, तेल, चना, लाई, मसाले, बाल्टी, बरसाती और डिग्निटी किट समेत करीब 50 आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों लखनऊ में फर्रुखाबाद के विधायकों और जिलाध्यक्ष के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को लेकर बैठक की गई थी। प्रभारी मंत्री को राहत कार्यों की निगरानी, समीक्षा और ठोस रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे 102 गांवों के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार हर दुख-दर्द में उनके साथ खड़ी है। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर, राहत सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए पहली बार शिक्षक शिविरों और गांवों में जाकर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं।सीएम योगी ने कहा कि फर्रुखाबाद अब तेजी से बदल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे का लिंक एक्सप्रेसवे यहां आ रहा है, जो आगे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे फर्रुखाबाद को भी एक्सप्रेसवे की बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। सड़कों के चौड़ीकरण, ओवरब्रिज निर्माण और गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क के कारण बाढ़ के बावजूद राहत और बचाव कार्यों के साथ लोगों की आवाजाही सुचारु रखने में मदद मिल रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्रुखाबाद खेती-किसानी का प्रमुख क्षेत्र है और यहां बड़ी संख्या में किसान आलू की खेती करते हैं। कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू के लिए किसानों को प्रति बोरा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि, फसलों की खरीद के साथ ही मक्का के लिए भी क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। आगरा में पेरू की मदद से अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र काम कर रहा है, जिससे वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप आलू उत्पादन और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब बिना भेदभाव युवाओं को सरकारी नौकरी मिल रही है। फर्रुखाबाद के युवाओं के साथ किसी तरह का भेदभाव या अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सरकारी नौकरियों के साथ ओडीओपी और अन्य योजनाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश को करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे युवाओं के लिए रोजगार और सम्मान के नए अवसर पैदा होंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले नौकरी और रोजगार में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार का बोलबाला था, लेकिन अब व्यवस्था पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी में किसी तरह की धांधली या खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा से केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा समाज स्वावलंबी होता है। सरकार युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग और गरीब व निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय जैसी योजनाएं संचालित कर रही है। हर विकासखंड में कस्तूरबा गांधी विद्यालय संचालित हैं, जिन्हें अब 12वीं तक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालयों के माध्यम से पहली से 12वीं तक शिक्षा और स्किलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जनपद में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल स्किलिंग एंड एंप्लॉयमेंट जोन बनाने की कार्रवाई आगे बढ़ रही है। 60 वर्ष से अधिक आयु की माताओं को परिवहन निगम की बसों में लोकमाता अहिल्याबाई निशुल्क यात्रा की सुविधा मिल रही है। वहीं स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार मेधावी छात्राओं को जल्द ही रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत स्कूटी प्रदान की जाएगी।मुख्यमंत्री ने नवगठित उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का जिक्र करते हुए कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ अब किसी तरह का भेदभाव और शोषण नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 3.52 लाख से अधिक आउटसोर्स कार्मिकों को न्यूनतम 20 हजार रुपये मानदेय सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाया गया है। भुगतान सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में किया जाएगा।

कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा, ईपीएफ, घटना-दुर्घटना, बेटी की शादी और बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए भी सुरक्षा कवर मिलेगा। शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों समेत अन्य कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सरकार वही है जो किसान, गरीब, युवा और महिला समेत समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदारी उठाए। अब बाढ़ से प्रभावित आश्रयहीन परिवारों को जमीन का पट्टा और आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले आपदा में गरीब परिवारों को मामूली सहायता देकर उनके हाल पर छोड़ दिया जाता था, लेकिन अब डबल इंजन सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ गरीब के साथ खड़ी है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन के स्वीकृति प्रमाण पत्र और आपदा मोचक निधि से 1.20 लाख रुपये की राहत राशि के चेक प्रदान किए। मुख्यमंत्री के हाथों सदर तहसील के प्रेमचंद, कुसुम देवी, गिरीश, ज्ञान देवी, मुकेश, रामबरन, रवीश, बृजमोहन, सुआलाल और अरुणेश को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र तथा राहत राशि प्रदान की गई