Amethi News: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के रामगंज क्षेत्र में बुधवार सुबह उस समय माहौल गमगीन हो गया, जब सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान शिवकुमार मिश्र का पार्थिव…

Amethi News: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के रामगंज क्षेत्र में बुधवार सुबह उस समय माहौल गमगीन हो गया, जब सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान शिवकुमार मिश्र का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव पहुंचा। ‘शहीद शिवकुमार मिश्र अमर रहें’ के नारों के बीच अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों लोग उमड़ पड़े। पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही परिजनों की चीख-पुकार से हर आंख नम हो गई।

पीपरपुर थाना क्षेत्र के घोरहवा मजरे भोजपुर निवासी शिवकुमार मिश्र (45) BSF की 165वीं बटालियन में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। वर्ष 2002 में बल में भर्ती होने के बाद से वह देश की सेवा कर रहे थे। लद्दाख में ड्यूटी के दौरान अचानक सीने में दर्द उठने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां रविवार रात करीब 11 बजे उनका निधन हो गया।

शिवकुमार मिश्र देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार रात लद्दाख में ड्यूटी के दौरान उनके सीने में अचानक दर्द उठा। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई।शिवकुमार मिश्र वर्ष 2002 में BSF में भर्ती हुए थे। करीब दो दशक से अधिक समय तक देश की सेवा करने वाले जवान के निधन की खबर से उनके पैतृक गांव और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

बुधवार सुबह जवान का पार्थिव शरीर जिले की सीमा पर पहुंचने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों और क्षेत्रीय लोगों की भीड़ जुटने लगी। तिरंगे में लिपटे अपने गांव के लाल की अंतिम झलक पाने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंचे।‘शिवकुमार मिश्र अमर रहें’ के नारों के बीच लोगों ने जवान को श्रद्धांजलि दी। गांव की गलियों से लेकर उनके घर तक शोक का माहौल रहा। पार्थिव शरीर के पहुंचते ही परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गांव पहुंचकर शिवकुमार मिश्र के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने दुख की इस घड़ी में परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।जवान के निधन की खबर सुनकर कई अन्य नेता और क्षेत्रीय लोग भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। इस दौरान गांव में शोक और सम्मान का माहौल बना रहा।

शिवकुमार मिश्र अपने पीछे मां सावित्री देवी, पत्नी अर्चना मिश्रा और दो बेटों आर्यन (18) तथा अंश (16) को छोड़ गए हैं। पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया।पिता को खोने के गम में दोनों बेटे बिलख उठे। परिजनों का विलाप सुनकर वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। गांव के लोग परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाते रहे और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े नजर आए।

जवान के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने और अंतिम संस्कार की तैयारियों के दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। तहसीलदार चित्रसेन यादव, हल्का लेखपाल अजय कुमार और पुलिसकर्मियों ने मौके पर आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी की।अपने वीर जवान को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल रहा।

शिवकुमार मिश्र वर्ष 2002 में सीमा सुरक्षा बल में भर्ती हुए थे। BSF की 165वीं बटालियन में कांस्टेबल के रूप में तैनात जवान ने लंबे समय तक देश की सुरक्षा में अपनी सेवाएं दीं।उनके निधन से परिवार ने अपना प्रिय सदस्य खो दिया, वहीं गांव ने एक ऐसे व्यक्ति को खोया जिसने अपना जीवन देश की सेवा के लिए समर्पित किया। तिरंगे में लिपटे अपने लाल को अंतिम विदाई देते समय ग्रामीणों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति मिलने की प्रार्थना की।

अमेठी के इस गांव में शिवकुमार मिश्र की यादें और देश सेवा के प्रति उनका समर्पण लंबे समय तक लोगों के दिलों में बना रहेगा।