Amethi News: चलती पद्मावत एक्सप्रेस में महिला ने दिया बेटे को जन्म, जनरल कोच बना प्रसव कक्ष -

Amethi News Today: उत्तर प्रदेश के अमेठी में चलती ट्रेन के जनरल कोच में एक सुखद घटना सामने आई है। दिल्ली से प्रतापगढ़ जा रही पद्मावत एक्सप्रेस में आधी रात को एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला की चीख-पुकार सुनकर कोच में मौजूद महिला यात्रियों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया। यात्रियों के सहयोग से चलती ट्रेन में ही महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। अमेठी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पहुंचते ही रेलवे प्रशासन और महिला पुलिसकर्मियों ने मां और नवजात को सुरक्षित उतारकर 108 एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।
जानकारी के मुताबिक, प्रतापगढ़ जिले के लालगंज झारा निवासी 24 वर्षीय निर्मला वर्मा पत्नी हरिकेश वर्मा दिल्ली से पद्मावत एक्सप्रेस में सवार होकर अपने घर लौट रही थीं। उनके पति उन्हें ट्रेन में बैठाने के बाद दिल्ली में ही उतर गए थे।रात करीब 12 बजे ट्रेन में सफर के दौरान निर्मला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। दर्द बढ़ने पर उनकी चीख-पुकार सुनकर जनरल कोच में मौजूद महिला यात्री उनकी मदद के लिए आगे आईं।
महिला की स्थिति को देखते हुए कोच में मौजूद महिला यात्रियों ने जिम्मेदारी संभाली और प्रसव में सहयोग किया। यात्रियों की सूझबूझ और आपसी मदद से चलती ट्रेन में ही निर्मला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया।इस घटना के दौरान महिला यात्रियों ने मानवता और सहयोग की मिसाल पेश की। ट्रेन के जनरल कोच में मौजूद यात्रियों ने मां और नवजात की देखभाल में भी सहयोग किया।
ट्रेन में बच्चे के जन्म की सूचना रेलवे प्रशासन को दी गई। इसके बाद अमेठी स्टेशन मास्टर के निर्देश पर स्टेशन पर महिला यात्री और नवजात को सुरक्षित उतारने की व्यवस्था की गई।पद्मावत एक्सप्रेस के अमेठी रेलवे स्टेशन पहुंचते ही एसआई आरएस लाल और ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल केसंती मीणा ने तत्परता दिखाई। दोनों ने महिला और नवजात को सुरक्षित ट्रेन से नीचे उतारा।
रेलवे पुलिस ने बिना देरी किए 108 एंबुलेंस की मदद से मां और नवजात को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) अमेठी पहुंचाया। यहां चिकित्सकों की निगरानी में दोनों का उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।चलती ट्रेन में अचानक हुई इस घटना के बाद यात्रियों की सूझबूझ, महिला यात्रियों के सहयोग और रेलवे प्रशासन की तत्परता की सराहना हो रही है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि मुश्किल समय में इंसानियत और आपसी सहयोग सबसे बड़ी ताकत बनते हैं।
स्रोत: Filmitics
