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अमेरिका ने पहली बार अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती की पुष्टि की

🕐 15 Sep 2026, 04:30 pm• 5 min padho • Chugal Khor News
अमेरिका ने पहली बार अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती की पुष्टि की

अमेरिकी वायु सेना के सचिव का कहना है कि दुश्मन की कार्रवाई से देश की रक्षा के लिए ये हथियार ज़रूरी हैं.

अमेरिका ने पृथ्वी की कक्षा में 'अंतरिक्ष हथियार' तैनात करने की पुष्टि की है. यह पहली बार है जब अमेरिका ने इस तरह की आक्रामक क्षमताओं को स्वीकार किया है

अमेरिकी एयर फ़ोर्स के सचिव ट्रॉय मींक ने कहा कि दुश्मन पर नज़र रखने के लिए ये हथियार ज़रूरी हैं

सोमवार को वायु, अंतरिक्ष और साइबर सम्मेलन में बोलते हुए, मींक ने कहा कि अमेरिका "विकसित होते ख़तरों" के लिए तैयार है

लेकिन मींक ने हथियार की क्षमताओं या इसे कक्षा में कब स्थापित किया गया था, इस बारे में विस्तार से नहीं बताया

अमेरिका के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने पहले भी कहा है कि वे अंतरिक्ष में सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने की योजना बना रहे हैं

इन अधिकारियों ने भविष्य के संघर्ष में अमेरिकी सैटेलाइट्स पर हमला करने और उन्हें बाधित करने के तरीके़ विकसित करने वाले रूसी और चीनी कार्यक्रमों का हवाला दिया है

चीन ने क्या दिया है जवाब

चीन ने मंगलवार को अंतरिक्ष में "हथियारों की होड़" के ख़िलाफ़ चेतावनी देकर इसका जवाब दिया है

एएफ़पी ने चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से कहा, "हम अमेरिकी पक्ष से गुज़ारिश करते हैं कि वह अपनी सैन्य क्षमताओं का विस्तार करना और अंतरिक्ष में युद्ध की तैयारी करना बंद करे."

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अमेरिकी अधिकारियों ने इस हथियार के काम करने के तरीके़ के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है

अमेरिकी स्पेस फ़ोर्स के एक प्रवक्ता ने कहा, "स्पेस कंट्रोल में अंतरिक्ष क्षेत्र में मुक़ाबला करने और उस पर नियंत्रण हासिल करने के लिए ज़रूरी मिशन क्षेत्र शामिल हैं. इसके तहत विरोधी की क्षमताओं को बाधित किया जाता है, उन्हें कमज़ोर किया जाता है और ज़रूरत पड़ने पर नष्ट भी किया जा सकता है."

"इन क्षमताओं का इस्तेमाल लड़ाकू कमांड के निर्देश पर आक्रामक और रक्षात्मक, दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है."

एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं

अंतरिक्ष के सैन्य इस्तेमाल के एक एक्सपर्ट ने कहा कि इस तकनीक के बारे में सार्वजनिक रूप से "बहुत कम" जानकारी उपलब्ध है. उन्होंने बीबीसी से कहा कि इसमें "अलग-अलग तरह के हथियार सिस्टम की पूरी रेंज" हो सकती है

रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज़ इंस्टीट्यूट के डॉ. ब्लेडिन बोवेन ने रेडियो 4 के 'टुडे' कार्यक्रम में कहा कि अमेरिका शायद "किसी तरह के इलेक्ट्रॉनिक वॉरफ़ेयर या रेडियो जैमिंग प्लेटफ़ॉर्म" की बात कर रहा हो

बोवेन ने कहा कि यह उस तरह का हथियार होगा, जो पहले से धरती पर मौजूद है और रेडियो संचार को बाधित कर सकता है

एक दूसरा विकल्प "किसी तरह का काइनेटिक किल व्हीकल" हो सकता है. यानी ऐसा वाहन, जो किसी तरह का मिसाइल छोड़े और वह किसी उपग्रह से टकराकर उसे नष्ट कर दे

हालाँकि, बोवेन ने कहा कि इसकी संभावना कम है, क्योंकि ऐसा हथियार बड़ी मात्रा में मलबा पैदा कर सकता है

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ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि अंतरिक्ष-आधारित क्षमताएं और इंटरसेप्टर मिसाइलें अमेरिका को मिसाइलों और अन्य हवाई ख़तरों से बचाने के लिए उसकी "गोल्डन डोम" रक्षा प्रणाली का एक अहम हिस्सा हैं

पिछले साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी किया था, जिसमें अमेरिकी स्पेस फ़ोर्स की भूमिका को सिर्फ़ अंतरिक्ष में मौजूद संपत्तियों की रक्षा करने तक सीमित नहीं रखा गया था, बल्कि इसे एक अटैकिंग फ़ोर्स के रूप में भी पेश किया गया था

अमेरिकी स्पेस फ़ोर्स की शुरुआत 2019 में की गई थी. इसका मक़सद अंतरिक्ष में मौजूद अमेरिकी संपत्तियों की रक्षा करना है, जिनमें संचार और निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाले सैकड़ों सैटेलाइट शामिल हैं

अंतरिक्ष में जंग का इतिहास

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साल 1967 की एक संधि ने पृथ्वी की कक्षा में व्यापक विनाश वाले हथियारों की तैनाती पर रोक लगा दी थी. इसके बाद से अमेरिका, रूस और चीन जैसी प्रमुख शक्तियाँ संधि के दायरे से बाहर की दूसरी क्षमताओं को विकसित करने पर काम कर रही हैं

इनमें प्रतिद्वंद्वी देशों के उपग्रहों को निशाना बनाना भी शामिल है. ये उपग्रह सैन्य संचार, निगरानी और नेविगेशन के लिए अहम हैं

फ़रवरी की शुरुआत में यह जानकारी सामने आई थी कि रूस के दो सैटेलाइट्स ने 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से कम से कम एक दर्जन यूरोपीय उपग्रहों के संचार को संभवतः इंटरसेप्ट किया था

ऐसा करके रूसी ख़ुफ़िया एजेंसियाँ इन सैटेलाइट्स से भेजे जा रहे संवेदनशील डेटा को पढ़ने में सक्षम हुई होंगी या सैद्धांतिक रूप से इन उपग्रहों का नियंत्रण भी अपने हाथ में ले पाई होंगी

2024 में अमेरिका ने कहा था कि रूस ने एक ऐसा उपग्रह लॉन्च किया है, जिसके बारे में उसका मानना था कि वह इस तरह के दूसरे उपग्रहों पर हमला करने में सक्षम हो सकता है

रूस ने इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की थी

अमेरिकी स्पेस फ़ोर्स का कहना है कि चीन "सैन्य आधुनिकीकरण की रणनीति के तहत अंतरिक्ष और काउंटरस्पेस क्षमताएँ विकसित और संचालित करता है", जबकि रूस "अंतरिक्ष को युद्ध के एक क्षेत्र के रूप में देखता है और उसका मानना है कि भविष्य के संघर्षों में अंतरिक्ष पर वर्चस्व निर्णायक कारक होगा."

हमने इस लेख का अनुवाद करने में एआई की मदद ली है, जिसे मूल रूप से अंग्रेज़ी में लिखा गया था. बीबीसी के एक पत्रकार ने प्रकाशन से पहले इस अनुवाद की जांच की. हम एआई का उपयोग कैसे कर रहे हैं, इसके बारे में और जानें

स्रोत: BBC News हिन्दी

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