US Iran Peace Deal: अमेरिका ईरान कई महीनों तक संघर्ष के बाद एक बार फिर शांति समझौते के मुहाने पर खड़े हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पहले भी कई बार शांति समझौते…
US Iran Peace Deal: अमेरिका ईरान कई महीनों तक संघर्ष के बाद एक बार फिर शांति समझौते के मुहाने पर खड़े हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पहले भी कई बार शांति समझौते की उम्मीद जता चुके हैं. तमाम धमकियों के बाद ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि अंत में ईरान शांति समझौते करेगा ही. इसको लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरान का रुख भी सामने आया है
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि तेहरान चाहता है कि अमेरिका नवंबर की शुरुआत में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले समझौता ज्ञापन पर फिर से हस्ताक्षर करे. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम चाहते हैं कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले समझौते पर वापस लौट आएं
ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिकी मीडिया से कहा कि 'हत्याओं' के बावजूद तेहरान अभी भी समझौते का इच्छुक है. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिकी मीडिया से कहा कि तेहरान बातचीत के जरिए वाशिंगटन के साथ समझौता करने को तैयार है, भले ही ईरान के सर्वोच्च नेता, वैज्ञानिकों और सैन्य कमांडरों की हत्या जैसी घटनाएं हुई हों
"Do you want a nuclear bomb or not?"@BretBaier cuts to the chase in an exclusive interview with Iranian President Masoud Pezeshkian, directly questioning the leader about his country's nuclear ambitions."Not at all. Not at all," Pezeshkian responds, insisting Iran does not… /jkFEyi9rWd
फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में पेजेश्कियान ने कहा कि जिस चीज पर चर्चा और बातचीत होती है, वह अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में होती है, और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जो हमारा हक है, उसी पर बात होती है. उन्होंने आगे कहा कि हमने कभी इससे ज्यादा कुछ नहीं चाहा और इसी आधार पर, अगर दूसरी पार्टी सहमत होती है, तो हम समझौता करना चाहते हैं. ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि हमें कोई समस्या नहीं है और हमने आपके राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) के साथ समझौता किया था. उन्होंने बताया कि समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, और उसी आधार पर हम आगे बढ़ने को तैयार हैं और अब भी चाहते हैं
राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने कहा कि उस ढांचे पर सहमति बनी थी. हमने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं किया था. वह खुला था, बिना किसी कानूनी आधार या ढांचे के. अपने देश के खिलाफ सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने हम पर हमला किया. उन्होंने हमारे सम्मानित सर्वोच्च नेता, हमारे वैज्ञानिकों, हमारे सैन्य कमांडरों और सरकार के लोगों की हत्या की और उन्हें शहीद किया
फिलिस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायल की नीतियों पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि इजरायल की मौजूदा नीतियां फिलिस्तीनियों के जीवन और अस्तित्व के लिए खतरा बन रही हैं. अब्बास ने यह भी कहा कि इन कदमों का असर दो-राज्य समाधान की प्रक्रिया से भी आगे जा रहा है. इसी दौरान इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया. जब कई राजनयिक सभा से बाहर जा रहे थे, तब नेतन्याहू ने कहा कि ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमला करना प्रधानमंत्री के तौर पर उनके लिए लिए गए सबसे आसान फैसलों में से एक था






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