अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में करणी सेना के जिलाध्यक्ष सचिन राघव के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के ब…

अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में करणी सेना के जिलाध्यक्ष सचिन राघव के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। शिकायत के मुताबिक, कुछ लोगों ने सचिन राघव को घेरकर सड़क पर दौड़ाया और उनके साथ मारपीट की। आरोप यह भी है कि उन्हें अंबेडकर पार्क तक ले जाया गया, जहां उनसे माफी मांगने और ‘जय भीम’ के नारे लगाने के लिए कहा गया।

बताया जा रहा है कि पूरा विवाद 15 सितंबर को आयोजित एक सवर्ण महापंचायत में की गई कथित टिप्पणी से जुड़ा है। महापंचायत का आयोजन यूजीसी से जुड़े मुद्दे को लेकर किया गया था। इसी कार्यक्रम में सचिन राघव के भाई सुंदर राघव के भाषण को लेकर वाल्मीकि समाज के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद कथित टिप्पणी को लेकर विरोध और कार्रवाई की मांग का मामला सामने आया।

शिकायत के अनुसार, बुधवार शाम सचिन राघव अपने भाई और एक दोस्त के साथ घंटाघर के पास मौजूद थे। इसी दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे और उन्हें घेर लिया। आरोप है कि इसके बाद उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई और उन्हें सड़क पर दौड़ाकर पीटा गया।

बताया जा रहा है कि सचिन राघव के भाई और उनके दोस्त के साथ भी मारपीट हुई। घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वायरल वीडियो में भीड़ के बीच सचिन राघव को ले जाते हुए लोग दिखाई दे रहे हैं।

सामने आई शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर आरोप है कि सचिन राघव को खींचते हुए अंबेडकर पार्क की तरफ ले जाया गया। वहां भी उनके साथ मारपीट किए जाने का दावा किया गया है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनसे कथित तौर पर माफी मंगवाई गई और ‘जय भीम’ के नारे लगवाए गए।

वायरल वीडियो में कुछ लोग कथित तौर पर भीड़ से मारपीट रोकने की अपील करते हुए भी दिखाई देते हैं। हालांकि, शिकायत के मुताबिक इसके बावजूद मारपीट का सिलसिला नहीं रुका।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक कथित हमलावरों के वहां से चले जाने की बात सामने आई। सचिन राघव की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और वायरल वीडियो समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। इन साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

पूरे घटनाक्रम की शुरुआत यूजीसी के मुद्दे को लेकर हुई महापंचायत में दिए गए कथित बयान से जुड़ी बताई जा रही है। सुंदर राघव के भाषण को लेकर आपत्ति जताए जाने के बाद विरोध और कार्रवाई की मांग सामने आई थी। इसके बाद सचिन राघव के साथ हुई कथित मारपीट ने मामले को और तूल दे दिया है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली घटनाओं और शिकायत में लगाए गए आरोपों का सत्यापन जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।वायरल वीडियो या शिकायत में लगाए गए आरोप अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं हैं। आरोपियों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

रश्मि सिंह एक अनुभवी पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें हिंदी पत्रकारिता, न्यूज़ रिपोर्टिंग और डिजिटल मीडिया का व्यापक अनुभव है। उन्होंने मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है और अपने पत्रकारिता करियर में कई बड़े मीडिया संस्थानों और न्यूज़ चैनलों के साथ काम किया है।राजनीति, जनसरोकार, उत्तर प्रदेश की सियासत और समसामयिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है। खबरों को सरल, तथ्यपरक और पाठकों के लिए रोचक अंदाज में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है। डिजिटल पत्रकारिता के बदलते दौर में रश्मि सिंह का प्रयास है कि पाठकों तक तेज, विश्वसनीय और आसान भाषा में तथ्य आधारित खबरें पहुंचें।