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4 लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के PDA फॉर्मूले को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन को PDA के सामाजिक समीकरण से जोड़कर सवाल खड़े किए हैं।
राजभर ने सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में अखिलेश यादव से पूछा कि राज्यसभा चुनाव में सपा की ओर से उतारे जाने वाले उम्मीदवार क्या PDA फॉर्मूले के अनुरूप होंगे। उन्होंने खासतौर पर प्रोफेसर रामगोपाल यादव के नाम का जिक्र करते हुए ‘परिवार’ शब्द के जरिए अखिलेश यादव पर राजनीतिक तंज किया।
अखिलेश यादव की राजनीति में PDA का इस्तेमाल पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समूहों के प्रतिनिधित्व के संदर्भ में किया जाता रहा है। इसी फॉर्मूले को लेकर ओम प्रकाश राजभर ने अपने पोस्ट में अलग तरह की व्याख्या करते हुए सवाल किया कि अगर ‘P’ यानी परिवार से एक नाम हो गया तो ‘D’ और ‘A’ से कौन आएगा।राजभर ने ‘D’ को ‘दौलतमंद’ और ‘A’ को ‘अपराधी’ से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर तंज किया। उन्होंने दावा किया कि पिछड़े, दलित और मुस्लिम समाज के लोग यह जानना चाहते हैं कि PDA के नाम पर राज्यसभा में किन लोगों को भेजने की तैयारी है।यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है और सपा की ओर से तीन उम्मीदवार उतारने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में चल रही थी।
30 सितंबर को समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए प्रोफेसर रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार घोषित कर दिया। दोनों ने अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया।धनराज परिमल नथवानी का नाम सपा के लिए अपेक्षाकृत नया चेहरा है। उनकी कॉरपोरेट पृष्ठभूमि को लेकर भी राजनीतिक चर्चा हुई है।इसी वजह से राजभर के बयान में ‘दौलतमंद’ वाला तंज राजनीतिक रूप से चर्चा में आया है। हालांकि यह राजभर की राजनीतिक टिप्पणी है, जिसे उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में रखा है।
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। मौजूदा चुनावी समीकरण में सपा के पास दो सीटों के लिए पर्याप्त संख्या होने की रिपोर्ट सामने आई थी, जबकि तीसरी सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाने की जरूरत पड़ सकती है।
ऐसे में ओम प्रकाश राजभर का बयान केवल उम्मीदवारों तक सीमित नहीं है। उन्होंने PDA के सामाजिक संदेश और राज्यसभा चुनाव के वोट गणित दोनों को एक साथ जोड़ते हुए अखिलेश यादव की रणनीति पर सवाल उठाया है।
रश्मि सिंह एक अनुभवी पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें हिंदी पत्रकारिता, न्यूज़ रिपोर्टिंग और डिजिटल मीडिया का व्यापक अनुभव है। उन्होंने मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है और अपने पत्रकारिता करियर में कई बड़े मीडिया संस्थानों और न्यूज़ चैनलों के साथ काम किया है।राजनीति, जनसरोकार, उत्तर प्रदेश की सियासत और समसामयिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है। खबरों को सरल, तथ्यपरक और पाठकों के लिए रोचक अंदाज में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है। डिजिटल पत्रकारिता के बदलते दौर में रश्मि सिंह का प्रयास है कि पाठकों तक तेज, विश्वसनीय और आसान भाषा में तथ्य आधारित खबरें पहुंचें।
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