देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026 भारतीय सेना और स्थानीय समुदायों के बीच सहयोग और समन्वय को मजबूत करता है
सितम्बर 2026 :भारतीय सेना एवं जिला प्रशासन चमोली द्वारा संयुक्त रूप से ऑपरेशन सद्भावना के तहत आयोजित दो दिवसीय देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026 का रविवार को श्री बदरीनाथ धाम के टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में समापन हुआ।
'हमारी विरासत, हमारा भविष्य' थीम पर आयोजित इस महोत्सव में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं और उपविजेताओं को पुरस्कार प्रदान किये
इससे पहले, मुख्यमंत्री धामी ने बामनी गांव का दौरा किया और नंदा अष्टमी के शुभ अवसर पर आयोजित समारोह में भाग लिया। उन्होंने ग्रामीणों को शुभकामनाएं देते हुए देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों, महिला स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और अन्य वस्तुओं को प्रदर्शित करने वाले प्रदर्शनी स्टालों का दौरा किया। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के साथ बातचीत की और स्थानीय रूप से उत्पादित वस्तुओं और पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों के बारे में सीखा। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार पहुंच प्रदान करने के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इन्हें पर्यटन से जोड़ने से सीमावर्ती क्षेत्रों में आजीविका और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
धामी ने भारतीय सेना द्वारा आयोजित सैन्य प्रदर्शनी का भी दौरा किया और आधुनिक हथियारों और सैन्य उपकरणों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां युवाओं को देशभक्ति और राष्ट्र सेवा की भावना को मजबूत करते हुए भारतीय सेना की कार्यप्रणाली से परिचित कराती हैं
महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने भगवान बद्रीविशाल की पवित्र भूमि पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में उपस्थित सशस्त्र बलों के जवानों और अधिकारियों, स्थानीय निवासियों, युवाओं, छात्रों, कलाकारों और श्रद्धालुओं का स्वागत और अभिनंदन किया।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की आत्मा यहां की लोक संस्कृति में निहित है। लोक नृत्य, लोक गीत, परंपराएँ और रीति-रिवाज राज्य की विशिष्ट पहचान का अभिन्न अंग हैं। इस तरह के आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति और जड़ों से जोड़ने में मदद करते हैं, साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को भारतीय सेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 'विरासत के साथ-साथ विकास' के मार्गदर्शक सिद्धांत के तहत अपनी संस्कृति और विरासत को संरक्षित करते हुए विकास को गति दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान पर तेजी से काम चल रहा है। कठिन भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों के बावजूद, तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं में सुधार के लिए समयबद्ध तरीके से विकास कार्य किए जा रहे हैं




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