खाद्य सुरक्षा मानकों के निरीक्षण के दौरान मिली कमियों के बाद विभाग ने विस्तृत निर्देश जारी किये हैं

स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, जल परीक्षण रिपोर्ट, कीट नियंत्रण प्रमाण पत्र और कच्चे माल के बिल बनाए रखने होंगे

मेनू कार्ड में एलर्जी, कृत्रिम रंग, कृत्रिम मिठास और खाना पकाने के माध्यम के बारे में जानकारी होनी चाहिए

10 या अधिक आउटलेट वाले या केंद्रीय लाइसेंस वाले प्रतिष्ठानों को प्रति सेवारत और सेवारत आकार में कैलोरी भी बतानी होगी

लखनऊ, सितम्बर 2026: खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने तथा उपभोक्ताओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने विस्तृत निर्देश जारी किये हैं। विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों के खाद्य सुरक्षा मानकों के निरीक्षण के लिए विभाग द्वारा चलाए गए विशेष अभियानों के दौरान, कई इकाइयों को अनिवार्य प्रमाण पत्र और उपभोक्ता जानकारी से संबंधित प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पाया गया। विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं व्यापक जनहित को देखते हुए खाद्य व्यवसाय संचालकों को तत्काल प्रभाव से इन सभी बिंदुओं का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

यूपीएफएसडीए राज्य भर में "शुद्ध ही शुभ है" अभियान चला रहा है, जिसका उद्देश्य राज्य में सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करना है। इसके तहत खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण, खाद्य गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच की जा रही है और खाद्य व्यवसायों को सुधार करने का अवसर दिया जा रहा है

निरीक्षण के समय सात अभिलेख अवश्य रखने चाहिए

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त रोशन जैकब के निर्देशानुसार निरीक्षण के दौरान खाद्य प्रतिष्ठान में खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण उपलब्ध होना चाहिए। इसके अलावा प्रतिष्ठान में कार्यरत कर्मचारियों का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी रखना होगा। आईएस 10500 मानक के अनुसार प्रतिष्ठान में उपयोग किए गए पानी की अर्धवार्षिक परीक्षण रिपोर्ट भी उपलब्ध होनी चाहिए

इसी प्रकार, कीट नियंत्रण प्रमाण पत्र, कच्चे माल की खरीद से संबंधित बिल, भंडारण कक्ष का स्टॉक रजिस्टर और प्रतिष्ठान की सफाई अनुसूची के साथ-साथ उसके रिकॉर्ड भी निरीक्षण के समय प्रस्तुत किए जाने चाहिए।