Azamgarh Murder Case: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में पत्नी, बेटे और दो पंडितों की हत्या करने वाले आरोपी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई. पुलिस ने बुधवार को बताया कि…

Azamgarh Murder Case: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में पत्नी, बेटे और दो पंडितों की हत्या करने वाले आरोपी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई. पुलिस ने बुधवार को बताया कि आजमगढ़ में तीन बच्चों को बंधक बनाने से पहले आरोपी ने अपनी पत्नी और दो पुजारियों की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी. इस दौरान उसने अपने एक बेटे को भी गोली मार दी. पुलिस आरोपी को मुठभेड़ में मार गिराया गया. लगभग आठ घंटे तक चले खौफनाक ड्रामे के दौरान आरोपी ने अपने बेटे को भी गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन बाद में उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया

आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, तो आरोपी ने खुद को अपने बच्चों के साथ एक कमरे में बंद कर लिया. पुलिस ने उसे सरेंडर करने और बच्चों को सुरक्षित छोड़ने के लिए मनाने की कोशिश की. हालांकि, आरोपी ने पुलिस और अपने परिवार के सदस्यों को गोली मारने और बच्चों की हत्या करने की धमकी दी

उन्होंने कहा, "पुलिस ने उसे सरेंडर करने और बच्चों को सुरक्षित छोड़ने के लिए मनाने की तमाम कोशिशें की, यहां तक कि बातचीत के दौरान उसके परिवार के सदस्यों की भी मदद ली गई. हालांकि आरोपी ने पुलिस और अपने परिवार को गोली मारने और बच्चों की हत्या करने की धमकी दी; इसी बीच, उसने अपने ही बेटे को गोली मार दी."

#WATCH | Azamgarh, UP | On the incident in which a man allegedly shot and killed his wife and two other people at his residence, Azamgarh SSP Dr. Anil Kumar says, "He (accused) had locked his children inside the room and was constantly threatening to kill them. He even fired at… pic.twitter.com/GLRl7vDEL5

गोली चलने की आवाज सुनकर पुलिस तुरंत कमरे में दाखिल हुई, जहां आरोपी ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चलाना शुरू कर दीं. इस दौरान पुलिस ने उसे फिर से चेतावनी और हवाई फायरिंग कर उसे काबू करने की कोशिश की लेकिन आरोपी ने गोलियां चलाना बंद नहीं की. इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा और बच्चों की सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई, जिससे आरोपी घायल हो गया. एसएसपी के मुताबिक, आरोपी अरविंद और उसके बेटे को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया. लेकिन दोनों ने दम तोड़ दिया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है

दरअसल, आजमगढ़ के अहरौला पुलिस स्टेशन इलाके के शंभूपुर गांव के एक घर में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. यह कार्यक्रम अरविंद सिंह के भाई गुड्डू सिंह की आत्मा की शांति के लिए रखा गया था. गुड्डू सिंह की करीद दो साल पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. खबरों के मुताबिक, अरविंद ने इस कार्यक्रम का विरोध किया था और परिवार वालों से इसे न करने के लिए कहा था. बावजूद इसके परिवार ने कार्यक्रम की तैयारी जारी रखी. मंगलवार शाम करीब 6 बजे जब वह घर लौटा, तो उसने अपनी पत्नी को इस कार्यक्रम में शामिल होते देख लिया

पुलिस के मुताबिक, इसी कार्यक्रम को देखकर अरविंद गुस्से में आ गया और उसने अपनी पत्नी व दोनों पुजारियों के साथ गाली-गलौज कर दी. जब उसकी पत्नी इस पर आपत्ति जताई तो अरविंद आग-बबूला हो गया. इसके बाद अरविंद ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाली और अपनी पत्नी बबीता सिंह (32) को गोली मार दी. उसके बाद उसने कथित तौर पर महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (50) नाम के दोनों पुजारियों पर भी गोली चला दी. गोलीबारी के बाद, अरविंद कथित तौर पर अपने बच्चों के साथ घर के अंदर बंद हो गया