आज का मौसम, 28 सितंबर: देश भर में मानसून की विदाई से पहले बादलों ने एक बार फिर अपना डेरा जमा लिया है. मौसम विभाग ने आज देश के 18 राज्यों में तेज आंधी, आकाशीय ब…
आज का मौसम, 28 सितंबर: देश भर में मानसून की विदाई से पहले बादलों ने एक बार फिर अपना डेरा जमा लिया है. मौसम विभाग ने आज देश के 18 राज्यों में तेज आंधी, आकाशीय बिजली चमकने और मूसलाधार बारिश होने की गंभीर चेतावनी जारी की है. इस दौरान करीब साठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है. पहाड़ी इलाकों में रहने वाले और वहां घूमने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह समय बेहद सावधानी बरतने का है. पहाड़ों पर चट्टानें दरकने यानी भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का बड़ा खतरा मंडरा रहा है. ऐसे में किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का ताजा हाल जान लेना आपके लिए बहुत जरूरी है
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक दक्षिणी म्यांमार के तटीय इलाकों में नया निम्न दबाव का क्षेत्र बन चुका है. यह मौसमी सिस्टम अगले चौबीस घंटों में उत्तरी अंडमान सागर से होते हुए म्यांमार और बांग्लादेश के तटों के सहारे उत्तर पूर्वी बंगाल की खाड़ी की तरफ बढ़ेगा. इसी मौसमी बदलाव के चलते देश के एक बड़े हिस्से में जोरदार बारिश की परिस्थितियां बन गई हैं. जिन 18 राज्यों में हल्की से लेकर भारी बारिश का अनुमान है, उनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और गुजरात शामिल हैं. इसके अलावा पूर्वोत्तर के असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और दक्षिण भारत के भी कई इलाके इस दायरे में आ रहे हैं
The Depression over southeast Uttar Pradesh moved north-northwestwards with a speed of 12 kmph during past 06 hours and lay centered at 2330 hrs IST of yesterday, the 26th September 2026 over the same region, near latitude 26.6°N and longitude 81.2°E, about 40 km southeast of… pic.twitter.com/ehgFHFbg0U
पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है. मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, शिमला और सिरमौर जिलों में जलभराव और नदी नालों के उफान पर आने की चेतावनी दी है. वहीं उत्तराखंड के उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड आने का मध्यम स्तर का खतरा बना हुआ है. पहाड़ों की ढलानों से मलबा गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे प्रमुख सड़कें बंद होने की आशंका है. प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को संवेदनशील रास्तों व जलस्रोतों के पास न जाने की सलाह दी है
देश की राजधानी दिल्ली में आज मौसम मिलाजुला रहेगा. राजधानी में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है और कुछ चुनिंदा इलाकों में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है. यहां अधिकतम तापमान इकतीस डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान बीस डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है. हालांकि दिल्ली वालों को कल से राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा. धूप निकलने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. दोपहर के वक्त उत्तर पश्चिम दिशा से करीब अठारह किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिससे उमस में कुछ कमी आएगी
प्रमुख शहरों का तापमान-
उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी आफत की बारिश ने भारी तबाही मचाई है. लगातार जलभराव और हादसों के कारण राज्य में पचास से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. हालांकि अब राहत भरी खबर यह है कि मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर बना दबाव क्षेत्र कमजोर पड़कर आगे निकल रहा है. आज राज्य में कहीं भी बहुत भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, लेकिन कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम फुहारें पड़ सकती हैं. पिछले दिनों पूर्वी और पश्चिमी यूपी में हुई भीषण बारिश के बाद अब जलस्तर धीरे धीरे सामान्य होने की उम्मीद है
बिहार में मौसम विभाग ने आज से लेकर एक अक्टूबर तक आंधी और बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है. इस दौरान बादलों की गड़गड़ाहट के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. हालांकि राज्य में बहुत भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है, जिससे बाढ़ जैसी विकट स्थिति से बचाव रहेगा. वहीं पड़ोसी राज्य झारखंड में भी तीन अक्टूबर तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा. वहां कई जिलों में बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास न खड़े होने की सख्त हिदायत दी गई है
मध्य प्रदेश में भी बारिश का सिलसिला अभी पूरी तरह थमा नहीं है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पश्चिमी हिस्से में तीस सितंबर तक रुक रुक कर बारिश होती रहेगी. वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में एक अक्टूबर तक बादल बरसने का अनुमान है. इस दौरान कई स्थानों पर गरज चमक के साथ बिजली गिर सकती है. मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से सुरक्षित रहा जा सके




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