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7 Today News 29 September 2026: देश और राज्यों से मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को कई अहम खबरें सामने आ रही हैं। दिल्ली में लंबे इंतजार के बाद Barapullah Phase-III Elevated Corridor का उद्घाटन होने जा रहा है। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच सड़क चौड़ीकरण को लेकर शाही मस्जिद का मामला चर्चा में है। मुंबई में 122 साल पुराने Kyani & Co. का फूड लाइसेंस खाद्य सुरक्षा संबंधी खामियों के बाद निलंबित कर दिया गया है। वहीं लखनऊ में KGMU के नर्सिंग छात्रों का आंदोलन फिर शुरू हो गया है। दूसरी ओर पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद राजनीति में सक्रिय होने की घोषणा की है।

दिल्ली-NCR के यात्रियों के लिए मंगलवार का दिन अहम है। Barapullah Phase-III Elevated Corridor का उद्घाटन 29 सितंबर को होना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसके उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे, जबकि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की भी कार्यक्रम में मौजूदगी बताई गई है।

करीब 3.5 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड कॉरिडोर मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ता है। दिल्ली सरकार के दस्तावेजों में भी इस परियोजना को सराय काले खां से मयूर विहार फेज-1 तक के Barapullah Phase-III प्रोजेक्ट के रूप में दर्ज किया गया है।

रिपोर्टों के मुताबिक, कॉरिडोर के शुरू होने के बाद पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली की ओर आने-जाने में समय की बचत हो सकती है। पीक ऑवर में मयूर विहार क्षेत्र से AIIMS की तरफ यात्रा का समय लगभग 35-40 मिनट से घटकर करीब 15 मिनट तक आने का अनुमान जताया गया है। हालांकि वास्तविक यात्रा समय ट्रैफिक, प्रवेश और निकास बिंदुओं पर निर्भर करेगा।

इस परियोजना से सराय काले खां, रिंग रोड, DND फ्लाईवे और आसपास के प्रमुख मार्गों पर यातायात दबाव कम होने की उम्मीद है। परियोजना लंबे समय से निर्माणाधीन थी और इसकी लागत करीब 1,635 करोड़ रुपये बताई गई है।

मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 से पहले सड़क चौड़ीकरण और बुनियादी ढांचे से जुड़े काम तेज किए जा रहे हैं। इसी क्रम में छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद का एक हिस्सा सड़क चौड़ीकरण की योजना की जद में आने के कारण विवाद का विषय बना।

28 सितंबर को इस मुद्दे को लेकर मौके पर तनाव और पथराव की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की और रिपोर्टों के अनुसार कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।

मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में कार्यवाही हुई। मंगलवार को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, अदालत की कार्यवाही के दौरान सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद प्रबंधन और प्रशासन के बीच कुछ जमीन छोड़ने तथा मीनार को शिफ्ट करने को लेकर सहमति बनी।

इस मामले को समझते समय सड़क चौड़ीकरण की प्रशासनिक योजना, स्थानीय लोगों की आपत्तियां और न्यायिक कार्यवाही—इन तीनों पहलुओं को अलग-अलग देखना जरूरी है।

मुंबई के कालबादेवी इलाके में स्थित ऐतिहासिक ईरानी कैफे Kyani & Co. पर महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने कार्रवाई की है। 27 सितंबर को हुई जांच में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी कई गंभीर कमियां सामने आने के बाद प्रतिष्ठान का FSSAI लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

FDA की जांच में अधिकारियों को कथित तौर पर चूहे की बीट, जीवित मक्खियां और मरे हुए कॉकरोच खाद्य तैयारी और भंडारण वाले क्षेत्रों में मिले। रिपोर्टों में परिसर में बिल्लियां मिलने और रेफ्रिजरेटर में बड़ी मात्रा में खून जमा होने की बात भी सामने आई है।

इसके अलावा खाद्य पदार्थों के रखरखाव और स्वच्छता संबंधी अन्य कमियां भी निरीक्षण में दर्ज किए जाने की बात कही गई है। कार्रवाई के बाद प्रतिष्ठान को खाद्य पदार्थों की खरीद, तैयारी, भंडारण, बिक्री और वितरण रोकने का निर्देश दिया गया।

Kyani & Co. पर कार्रवाई महाराष्ट्र FDA के व्यापक खाद्य सुरक्षा अभियान के दौरान हुई। रिपोर्ट के अनुसार 23 से 27 सितंबर के बीच चले अभियान में बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री जब्त की गई और कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन तथा अन्य कानूनी कार्रवाई की गई।

लखनऊ के King George’s Medical University (KGMU) में नर्सिंग छात्रों का आंदोलन एक बार फिर शुरू हो गया है। यह विवाद BSc Nursing की छात्रा दिव्यांशी यादव की मौत के बाद सामने आया था।

छात्रों का आरोप है कि बीमारी के दौरान अटेंडेंस, मेडिकल लीव, ड्यूटी और अन्य अकादमिक व्यवस्थाओं को लेकर उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ा। इन आरोपों के बीच छात्रों ने KGMU प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।

पहले भी छात्रों ने प्रदर्शन किया था, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत हुई थी। छात्रों ने दोबारा आंदोलन शुरू करते हुए डीन और प्रिंसिपल के इस्तीफे की मांग उठाई है।

KGMU प्रशासन की ओर से छात्रों की कुछ मांगों को स्वीकार किए जाने और आंदोलन समाप्त करने की अपील की गई है। ऐसे में आगे की स्थिति छात्रों की मांगों, प्रशासन के फैसलों और जांच की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद राजनीति में सक्रिय होने की घोषणा की है। उनका इस्तीफा 15 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ था।

दिव्या मित्तल ने अपने सार्वजनिक संदेश में कहा है कि वह फिलहाल किसी राजनीतिक दल के साथ जुड़ने के बजाय आम लोगों के मुद्दों और उनकी आवाज को सामने लाने के लिए काम करना चाहती हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए यहीं से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने की बात कही है।

दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश में अलग-अलग प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली हैं। मिर्जापुर में जिलाधिकारी रहते हुए दूरदराज के गांवों तक पाइपलाइन के जरिए पेयजल पहुंचाने से जुड़ा उनका काम भी चर्चा में रहा था।

अब प्रशासनिक सेवा से बाहर आने के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका की घोषणा की है। फिलहाल उन्होंने किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की घोषणा नहीं की है।

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