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2017 से पहले तुष्टीकरण के तेजाबी दंश से जूझ रही थी अयोध्या: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ -

🕐 01 Nov 2026, 01:40 pm• 2 min padho • Chugal Khor News
2017 से पहले तुष्टीकरण के तेजाबी दंश से जूझ रही थी अयोध्या: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ -

CM Yogi Says Ayodhya Suffered Neglect and Mismanagement Before 2017, Highlights Development.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर अयोध्या की प्राचीन और नवीन तस्वीर प्रस्तुत की। इस दौरान उन्होंने वर्ष 2017 से पहले अयोध्या की स्थिति को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा और वर्तमान में हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि अयोध्या सभ्यता की जन्मभूमि, संस्कृति की प्राणधारा और आस्था की शाश्वत ज्योति है। हालांकि, वर्ष 2017 से पहले यह दिव्य नगरी उपेक्षा, अव्यवस्था और तुष्टीकरण का तेजाबी दंश सहने के लिए विवश थी। उस समय श्रद्धालुओं की यात्रा कठिन थी, नगर की व्यवस्थाएं जर्जर थीं और स्थानीय परिवारों के लिए विकास एवं रोजगार की संभावनाएं सीमित थीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या की प्राचीन गरिमा को आधुनिक विकास का नया विस्तार मिला है। भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से लेकर रामपथ, धर्मपथ, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आधुनिक रेलवे स्टेशन तक, विकास के विभिन्न कार्य श्रद्धालुओं की सुविधा और राम नगरी के गौरव से जुड़े हैं।

उन्होंने कहा कि अयोध्या में हो रहे बदलाव का लाभ अब स्थानीय लोगों तक भी पहुंच रहा है। बढ़ता पर्यटन व्यापार को मजबूती दे रहा है, नए अवसर युवाओं को रोजगार से जोड़ रहे हैं और स्थानीय परिवार समृद्धि की नई उम्मीदें संजो रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा कि कभी विकास की प्रतीक्षा करने वाली अयोध्या आज अपनी समृद्ध विरासत के साथ प्रगति का नया अध्याय लिख रही है। असंख्य सनातनियों की आस्था, अस्मिता और आराधना का यह केंद्र अब सांस्कृतिक चेतना और समृद्धि का उज्ज्वल प्रतीक बन रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, अयोध्या ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने अयोध्या को केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की महत्वपूर्ण पहचान के रूप में प्रस्तुत किया।

स्रोत: Filmitics

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