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3 भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को आंदोलन का ऐलान किया है, हालांकि, प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले CJP के नेताओं और वॉलंटियर्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को CJP की अगुवाई में हुए संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा की जांच शुरू कर दी है।
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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 20 जुलाई को नई दिल्ली में CJP के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच शुरू की है, मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए हैं, जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हिंसा के लिए कौन लोग जिम्मेदार थे और घटनाक्रम के पीछे किसी पूर्व नियोजित साजिश की भूमिका थी या प्रदर्शन के दौरान आपराधिक तत्वों की घुसपैठ हुई थी।
सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि जांच आगे बढ़ने पर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में शामिल सौरव दास और आशुतोष रांका से पूछताछ की जा सकती है हालांकि, पूछताछ को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से इन नेताओं के खिलाफ किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, पुलिस की जांच में प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर कथित हमले, तोड़फोड़ और पुलिस वाहनों सहित सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे मामलों को भी शामिल किया गया है।
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सूत्रों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद दिल्ली पुलिस जुलाई की हिंसा से जुड़े 17 FIR पहले ही रद्द कर चुकी है, वहीं, जिन मामलों की जांच जारी है, उनमें घटनाक्रम की पूरी कड़ी और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है और उनके इस्तीफे की मांग उठा रही है, दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन से पहले पार्टी ने महाराष्ट्र के शिवाजी पार्क में भी विरोध प्रदर्शन किया था, बीते दिनों CJP नेतृत्व ने दिल्ली में प्रदर्शन के लिए पुलिस से अनुमति लेने के लिए संपर्क किया था। पुलिस की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए कम से कम 10 दिन पहले अनुमति लेना जरूरी है, अब 10 अक्टूबर के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर CJP नेतृत्व अपनी रणनीति तैयार कर रहा है, इसी बीच 20 जुलाई की हिंसा की जांच शुरू होने से पार्टी के प्रमुख नेताओं की भूमिका भी पुलिस जांच के दायरे में आने की संभावना जताई जा रही है फिलहाल, जांच जारी है और अभिजीत दीपके, सौरव दास या आशुतोष रांका की किसी कथित भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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