नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि भारत का विमानन बाजार एयरलाइंस द्वारा जोड़ी जा रही क्षमता की तुल…

नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि भारत का विमानन बाजार एयरलाइंस द्वारा जोड़ी जा रही क्षमता की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह रुझान देश में हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को दर्शाता है और भविष्य में विमानन क्षमता तथा कनेक्टिविटी के विस्तार की आवश्यकता को और मजबूत करता है

एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नायडू ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत में रेवेन्यू पैसेंजर किलोमीटर (आरपीके) की वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) रही है, जबकि एयरलाइंस द्वारा उपलब्ध कराई गई सीट क्षमता, यानी एवेलेबल सीट किलोमीटर (एएसके), की वृद्धि दर 7 प्रतिशत सीएजीआर रही है

उन्होंने कहा, इसका मतलब है कि बाजार सीटों की उपलब्धता से अधिक तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बताती है कि आने वाले वर्षों में हवाई यात्रा की मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त क्षमता निर्माण और बेहतर कनेक्टिविटी पर लगातार निवेश करना होगा

भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है। बढ़ती आय, क्षेत्रीय संपर्क में सुधार और हवाई यात्रा की बढ़ती मांग ने इस वृद्धि को गति दी है। सरकार अब भारत को आने वाले वर्षों में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा समग्र विमानन बाजार बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है

इस तेजी से बढ़ती मांग को समर्थन देने के लिए सरकार बड़े स्तर पर एयरपोर्ट नेटवर्क का विस्तार कर रही है। नायडू ने बताया कि वर्ष 2014 में देश में केवल 74 परिचालन एयरपोर्ट थे, जबकि वर्तमान में उनकी संख्या बढ़कर 166 से अधिक हो चुकी है

सरकार ने वर्ष 2047 तक 400 एयरपोर्ट विकसित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। मंत्री ने कहा कि फिलहाल 66 एयरपोर्ट विकासाधीन हैं, जबकि अगले दस वर्षों में 100 नए एयरपोर्ट विकसित करने की योजना है, जिसका उद्देश्य देशभर में हवाई संपर्क को और मजबूत बनाना है

नायडू ने यह भी घोषणा की कि विमानन उद्योग के प्रमुख वैश्विक नेटवर्किंग और रूट डेवलपमेंट कार्यक्रमों में से एक रूट्स एशिया 2027 का आयोजन भारत में 16 से 18 मार्च 2027 के बीच किया जाएगा

उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारत की क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया बेहतर संपर्क की दिशा में आगे बढ़ रही है, तब भारत में इस कार्यक्रम का आयोजन देश की बढ़ती विमानन क्षमता और वैश्विक महत्व को दर्शाता है

मंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में भारत ने कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय विमानन कार्यक्रमों की मेजबानी की है। इनमें आईसीएओ एशिया-प्रशांत मंत्रिस्तरीय सम्मेलन, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और आईएटीए की 81वीं वार्षिक आम बैठक शामिल हैं। अब रूट्स एशिया 2027 का आयोजन भी भारत की वैश्विक विमानन क्षेत्र में बढ़ती भूमिका को मजबूत करेगा

उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट नेटवर्क के विस्तार के बाद सरकार का अगला बड़ा लक्ष्य कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाना है, ताकि देश के अधिक से अधिक शहर और क्षेत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय हवाई नेटवर्क से जुड़ सकें

डीबीपी

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