इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को हमास के हमले से पहले कई चेतावनियां दी गई थीं. हमले से करीब 48 घंटे पहले तक मिस्र के अधिकारियों ने इस्राइल को आगाह…

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को हमास के हमले से पहले कई चेतावनियां दी गई थीं. हमले से करीब 48 घंटे पहले तक मिस्र के अधिकारियों ने इस्राइल को आगाह किया था. खास बात है कि मिस्र की खुफिया एजेंसी के तत्कालीन प्रमुख अब्बास कामेल ने हमले से पहले नेतन्याहू के कार्यलय को फोन तक किया था. यह सभी दावे अमेरिका के अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है

इजराइल के पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा कि इजराइल को संभावित हमले की चेतावनी मिली थी. एक इंटरव्यू में गैलेंट ने आरोप लगाया कि नेतन्याहू ने हमले से पहले मिली अहम जानकारियां सुरक्षा अधिकारियों के साथ शेयर नहीं की थी

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बता दें, 7 अक्टूबर 2023 को हमास के लड़ाकों ने गाजा सीमा पार इजराइल, इजराइली नागरिकों और इजराइली सैन्य ठिकानों पर हमला किया था. हमले में करीब 1,200 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं करीब 5 हजार लोग घायल हो गए हैं. इसके अलावा, 250 लोगों को बंधक बना लिया गया है

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अमेरिकी मीडिया के अनुसार, मिस्र ने जून 2023 में ही इजराइल को गाजा के हालात बिगड़ने की आशंका बताई थी. मिस्र ने इजराइल से हमास के साथ बंधकों और कैदियों की अदला-बदली को लेकर बातचीत दोबारा शुरू करने की सलाह भी दी गई है. सितंबर में मिस्र के खुफिया प्रमुख अब्बास कामेल ने इजराइल का दौरा किया था. रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने चेतावनी दी थी कि गाजा के हालात बिगड़ रहे हैं. स्थिति किसी बड़े संकट में भी बदल सकती है. उस वक्त इजराइली अधिकारियों ने कहा था कि स्थिति उनके नियंत्रण में है

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पूर्व रक्षा मंत्री गैलेंट ने आरोप लगाया कि इजराइल-हमास युद्ध के दौरान, नेतन्याहू ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ संवेदनशील मुद्दों पर हुई बातचीत की जानकारी भी वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से साझा नहीं की. उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान, मुझे कई बार अमेरिका और नेतन्याहू की बातचीत के बारे में जानाकारी मिली, जब अमेरिकी अधिकारी मुझे फोन करके नेतन्याहू द्वारा कही गई बातों की पुष्टि करते थे. गैलेंट के अनुसार, इन बातचीत में बंधकों, गोला-बारूद जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल थे. उन्होंने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों का नेतन्याहू पर भरोसा कम था

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