सिवेट तोमर ने शहजाद पूनावाला के संग हाथापाई के आरोपों पर अपनी सफाई दी है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पूनावाला दिन भर हनुमान जी का नाम जपता है, लेकिन उन…
सिवेट तोमर ने शहजाद पूनावाला के संग हाथापाई के आरोपों पर अपनी सफाई दी है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पूनावाला दिन भर हनुमान जी का नाम जपता है, लेकिन उनकी प्लेट में नॉनवेज रहता है। ऐसे में वह उन पर कैसे भरोसा कर सकते हैं
मनोरंजन समाचार
Siwet Tomar Clarifies on Fight with Shehzad Poonawalla: 'राइज एंड फॉल 2' में शहजाद पूनावाला और रियलिटी शो स्टार सिवेट तोमर के बीच तीखी बहस देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। पूनावाला के कपड़े फटने और शारीरिक हिंसा के आरोप में मेकर्स ने सिवेट तोमर को शो से बाहर कर दिया। अब सिवेट तोमर ने अपने बचाव में सफाई दी है
सिवेट तोमर ने शहजाद पूनावाला पर पिछले 20 मिनट से लगातार उकसाने और धर्म को एक प्रोपेगैंडा की तरह इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया है। सिवेट ने दावा किया कि वे शहजाद पर हमला नहीं करना चाहते थे और उन्होंने कोई पीछे से वार नहीं किया, बल्कि सिर्फ उनका कॉलर पकड़ा था। दूसरी तरफ शहजाद की टीम ने सिवेट की इस हरकत की कड़ी निंदा की है
…तो मैं वहीं पर धुन देता- सिवेट तोमर
सिवेट तोमर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो शेयर करते हुए कहा, ‘मुझे बहुत लोगों ने कहा कि तूने उसे पीछे से मारा। पहली चीज कि जब मैं चल के जा रहा हूं उसकी तरफ तो वो घूम गया। तुम देखोगे तो मैं फेस पर हूं उसके साथ, उसका मुंह, कॉलर पकड़ रखा है मैंने। और ध्यान से देख लेना भाई अगर मुझे मारना होता तो 5-6 मौके थे जब आसपास कोई नहीं था। मुझे मारना होता तो मैं वहीं पर धुन देता।’
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने सिर्फ कॉलर पकड़ा हुआ था और समझा रहा था कि बाबू तुम जो ये धर्म के नाम पर चलते हो हर समय, मैं बताता हूं धर्म की बात कहां से आई थी। जब टेबल पर बैठा था उस समय का कट देखा होगा, उसने बोला कि ये करण के साथ बैठता है और करण ने ये ट्वीट किया था। पता है करण ने क्या ट्वीट किया हुआ था? उसने ये ट्वीट किया था कि हिंदू मुसलमान भाई-भाई। मैं क्यों लडूं उससे, मेरे को ये जानना है कि अगर करण ने ये ट्वीट कर दिया कि हिंदू मुसलमान भाई-भाई तो उसमें क्या दिक्कत है। लोग मुझे कहते हैं कि राजपूर होकर तुझे हिंदू-मुसलमान में दिक्कत नहीं हो रही? भाई सुन न, महाराणा प्रताप के जो सेनापति थे उनका नाम हाकिम खान था। राणा सांगा के सेनापति का नाम हसन खां था। तो दिक्कत तो मुझे धर्म से थी ही नहीं। दिक्कत तो उनसे है तो नफरत फैलाते हैं।'
'मुझे नहीं फर्क पड़ा कि वो कौन और क्या है'
सिवेट ने आगे कहा, 'मुझे जिसे मारना हो न ब्रो, मैं डरता नहीं हूं उससे। मुझे नहीं फर्क पड़ा कि वो कौन और क्या है। मेरे को जानना है कि उसका इस लाइन से मतलब क्या था कि टैटू। मेरे शरीर पर तो सिर्फ 3 टैटू हैं, उनमें से 2 मेरे डॉग्स के हैं तो ये रिलेटेबल नहीं है। उसके बाद महादेव का टैटू मेरे कंधे पर है, तो तू क्या कहता है कि मैंने महादेव का टैटू बनाया हुआ है तो मैं ऐसे किसी के साथ नहीं बैठ सकता हूं? तू मेरा टैटू बीच में ला क्यों रहा है और दूसरा टैटू मेरी जाति का है, महाराणा प्रताप बने हैं, तू किसकी बात कर रहा था, मुझे सिर्फ वो जानना है। मुझे तुम लोगों से जानना है जिसका तुम साथ दे रहे हो, उसका तो जिस धर्म में पैदा हुआ है वो अलग है। जो अपने उस धर्म का नहीं हो पाया, तुम्हें लगता है कि वो आदमी तुम्हारा हो जाएगा? तुम्हें लगता है कि वो तुम्हारा सगा हो जाएगा?'
'हनुमान जी का नाम जपता है, लेकिन प्लेट में मटन…'
उन्होंने आगे कहा, 'जहां तक ये जबान की कीमत, पूरे टाइम बोल रहा है स्वरा स्वरा स्वरा, मैंने शहजाद का नाम स्वरा के बाद लिया है। मेरा पहला मोटिव स्वरा ही थी तो मैं हर जगह स्वरा ही कह रहा था। दूसरी बार जब मैं शहजाद का नाम ले रहा था तो सिर्फ इसी वजह से ले रहा था क्योंकि वो मुझे दोगला लगता है। मुझे ऐसा एक भी आदमी पसंद नहीं है जो मेरे धर्म को इसलिए इस्तेमाल करता है कि वो बाहर दंगे करा सके या बाहर लड़ाई करा सके। क्योंकि मेरे धर्म में कहीं नहीं लिखा है कि किसी को भी नुकसान पहुंचाना है। या किसी के भगवान या धर्म की बेइज्जती करनी है। हमारे में तो हर भगवान को इज्जत दी गई है। तू अपने धर्म का नहीं हो पाया तो तुझे क्या लग रहा कि हमारे धर्म को हो जाएगा?'
सिवेट ने वीडियो में आगे कहा कि मैं ऐसे शख्स पर कैसे भरोसा कर सकता हूं जो दिन भर हनुमान जी का नाम जपता है, फिर भी मैं उसकी प्लेट में दिन में चार बार मटन देखता हूं? शहजाद रुद्राक्ष की माला पहनता है, लेकिन वह दिन में चार बार मांसाहारी भोजन करता है। तेज प्रताप ने भी इस बात पर उसे टोका था
शहजाद पूनावाला मुझे दोगला लगता है- सिवेट
उन्होंने आगे कहा मैंने शहजाद का नाम इसलिए लिया क्योंकि वह मुझे एक दोगला इंसान लगता है। मुझे ऐसा व्यक्ति कतई पसंद नहीं जो बाहर दंगे भड़काने के लिए मेरे धर्म का इस्तेमाल करे। वह लगातार मेरे धर्म और जाति पर टिप्पणी करके मुझे उकसा रहा था। जब हम सब टेबल पर बैठे थे, वह तब भी ये बातें कह रहा था, लेकिन मैंने उस वक्त उसे नहीं मारा। तो आप खुद ही सोचिए कि बाद में उसने ऐसा क्या कहा होगा, जिसने मुझे उसे मारना पड़ा






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