उत्तराखंड विकास के साथ-साथ अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित कर रहा है: सीएम धामी
टनकपुर, अक्टूबर 2026: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की पहचान इसकी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी हुई है और सरकार विकास को आगे बढ़ाते हुए इस विरासत को संरक्षित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पारंपरिक विरासत के साथ आधुनिक सुविधाओं को जोड़कर इसकी आध्यात्मिक पहचान को मजबूत करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं
धामी शनिवार को टनकपुर में नवयुवक रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव में भाग ले रहे थे, जहां उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि भक्ति और आस्था के साथ आयोजित धार्मिक आयोजनों से ईश्वरीय कृपा का माहौल बनता है। माँ पूर्णागिरि और माँ शारदा की पवित्र भूमि पर ऐसे आयोजनों का और भी अधिक महत्व है
उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज को एक साथ लाने और युवा पीढ़ी को उनकी जड़ों, मूल्यों और परंपराओं से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं
उत्तराखंड के लोगों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत को एक साथ आगे बढ़ाते हुए आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना में उत्तराखंड भी अपनी अहम भूमिका निभाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। विकास के साथ-साथ राज्य भर में धार्मिक स्थलों, मंदिरों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विकास योजनाएं बदल रही हैं चंपावत
धामी ने कहा कि 'आदर्श चंपावत' का दृष्टिकोण केवल विकास कार्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य जिले की पहचान और क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।






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