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सिंगापुर के निवेशकों से सीएम योगी की मुलाकात, यूपी में ₹1,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को रफ्तार -

🕐 28 Oct 2026, 02:10 pm• 4 min padho • Chugal Khor News
सिंगापुर के निवेशकों से सीएम योगी की मुलाकात, यूपी में ₹1,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को रफ्तार -

मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, दिनांक 28 अक्टूबर 2026 को अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ पर सिंगापुर डेलीगेशन के साथ बैठक करते हुये।

लखनऊ, 28 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश और वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इस दौरान लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, खाद्य प्रसंस्करण और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर की तकनीक और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता मिलकर वैश्विक विकास के नए अवसर तैयार कर सकती हैं। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने और उत्पादन शुरू कराने तक पूरा सहयोग देगी।

बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का फोकस अब केवल निवेश समझौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें वास्तविक परियोजनाओं और उत्पादन में बदलना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेशकों को सुरक्षा, स्थिरता और तेज निर्णय प्रक्रिया उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने फरवरी 2026 में सिंगापुर यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि उस दौरान करीब 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर सहमति बनी थी। अब सरकार का लक्ष्य इन प्रस्तावों को आगे बढ़ाकर औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों में बदलना है।

योगी आदित्यनाथ ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक समर्पित ‘सिंगापुर सिटी’ और हाईटेक इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे नेटवर्क और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ा यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए प्रमुख लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन हब बन सकता है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए 75 हजार एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है। इसके अलावा 27 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह प्रमुख नोड्स को भी 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में उत्तर प्रदेश की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के कुल मोबाइल उत्पादन का लगभग 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के निर्माण का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहा है।

उन्होंने सिंगापुर के निवेशकों के सामने सेमीकंडक्टर, हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाएं भी रखीं। खाद्य प्रसंस्करण, सौर ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, अपशिष्ट प्रबंधन और जल पुनर्चक्रण को भी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मेसर्स ग्रेटर नासिक इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-8डी में प्रस्तावित परियोजना के लिए पात्रता प्रमाणपत्र सौंपा।

कंपनी यहां 50 एकड़ भूमि पर 775 करोड़ रुपये की लागत से ‘यूनिवर्सल पैकेजिंग हब’ स्थापित करेगी। परियोजना में सिंगापुर से प्रत्यक्ष विदेशी इक्विटी शामिल है और इससे लगभग 1,880 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

इसके अलावा वैश्विक कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण कंपनी एग्रीकॉर्प इंटरनेशनल के साथ भी समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। कंपनी उत्तर प्रदेश में सोया प्रोटीन आइसोलेट और चना प्रोटीन कंसंट्रेट के उत्पादन के लिए आधुनिक ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग इकाई स्थापित करने की योजना पर काम करेगी।

सतत अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस के साथ भी समझौता किया गया। प्रस्ताव के मुताबिक, कंपनी नोएडा के सेक्टर-145 में करीब 7.5 लाख टन पुराने कचरे के उपचार और सहारनपुर में प्रतिदिन 350 टन क्षमता वाला फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की दिशा में काम करेगी।

इन परियोजनाओं में अनुमानित 250 से 350 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इससे लगभग 100 से 120 लोगों के लिए रोजगार के अवसर बनने की संभावना जताई गई है।

मुख्यमंत्री ने पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में भी सिंगापुर की कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज और बौद्ध सर्किट में आधुनिक होटल, कन्वेंशन सेंटर और अन्य पर्यटन सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर जोर दिया।

इसके साथ ही लखनऊ, स्टेट कैपिटल रीजन और नई टाउनशिप के सुनियोजित विकास में सिंगापुर की शहरी नियोजन विशेषज्ञता का लाभ लेने की बात कही गई।

सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के चेयरमैन मार्क ली के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा भी किया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक पार्कों, निवेश नीतियों और कारोबारी माहौल की सराहना की।

बैठक में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों, विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों और उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाना और निवेश प्रस्तावों को व्यावहारिक परियोजनाओं में बदलना रहा।

स्रोत: Filmitics

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