उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़कर हाथापाई…

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी के साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

जानकारी के मुताबिक, यह प्रेस वार्ता ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ और ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित की गई थी। कार्यक्रम में सपा जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद थे।

बताया जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अंशुमान सिंह के पुत्र कमलेश वहां पहुंचे और काजल निषाद के पास बैठने की कोशिश की। जगह को लेकर उनकी पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी से बातचीत हुई। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। आरोप है कि इसी दौरान नगीना साहनी को थप्पड़ भी मारा गया। घटना के समय कथित तौर पर अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल हुआ। वहां मौजूद अन्य नेताओं ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभालने की कोशिश की।

घटना उस समय हुई, जब सपा जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम मीडिया को संबोधित कर रहे थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखा जा रहा था, लेकिन नेताओं के बीच हुए विवाद के बाद कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह बदल गया। इस कार्यक्रम में सपा महानगर अध्यक्ष सबीर कुरैशी, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश यादव, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव, काजल निषाद, संजय पहलवान, पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री डॉ. मोहसिन, जय प्रकाश यादव और रणजीत पासवान समेत कई नेता मौजूद थे।

घटना के बाद सपा जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम ने पूरे मामले को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी जाएगी और मामले में कार्रवाई की मांग की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के किसी कार्यक्रम में इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना को लेकर अभी तक किसी पक्ष की ओर से पुलिस को लिखित तहरीर नहीं दी गई है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

प्रेस क्लब में हुए विवाद का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो में कुछ लोगों के बीच धक्का-मुक्की और विवाद की स्थिति दिखाई दे रही है। घटना के बाद सपा के अंदरूनी मतभेद को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, विवाद की पूरी वजह और घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस शिकायत या आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।