गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर डॉ. संजयन त्रिपाठी का नाम एक बार फिर चर्चा में है। बीजेपी से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्द…

गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर डॉ. संजयन त्रिपाठी का नाम एक बार फिर चर्चा में है। बीजेपी से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया। इसके बाद उनके समाजवादी पार्टी में शामिल होने की खबर ने चुनावी समीकरण को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है

बीजेपी ने इस सीट से मौजूदा एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को अपना प्रत्याशी बनाया है। टिकट के प्रमुख दावेदार रहे संजयन त्रिपाठी ने पार्टी के फैसले के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने का रास्ता चुना। नामांकन के दौरान उन्होंने अपनी गाड़ी से बीजेपी का झंडा भी हटा दिया था

डॉ. संजयन त्रिपाठी लंबे समय से गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। बीजेपी से टिकट की उम्मीद के बीच जब पार्टी ने ध्रुव कुमार त्रिपाठी को उम्मीदवार घोषित किया, तो उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया। संजयन त्रिपाठी ने पार्टी नेतृत्व पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने संगठन के लिए लंबे समय तक काम किया। उनके इस फैसले के बाद शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गईं

निर्दलीय नामांकन के बाद डॉ. संजयन त्रिपाठी के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद चर्चा शुरू हुई कि क्या वह सपा के टिकट पर गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से चुनाव लड़ सकते हैं

समाजवादी पार्टी पहले ही कमलेश यादव को इस सीट से अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। हालांकि, संजयन त्रिपाठी के सपा में शामिल होने के बाद संभावित उम्मीदवार को लेकर अटकलें तेज हैं। फिलहाल सपा की ओर से उम्मीदवार बदलने या संजयन त्रिपाठी को आधिकारिक प्रत्याशी घोषित करने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस संबंध में अंतिम स्थिति पार्टी के औपचारिक फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी

डॉ. संजयन त्रिपाठी का चुनावी सफर काफी पुराना है। वर्ष 2006 में कौड़ीराम विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वह इस चुनाव में जीत दर्ज नहीं कर सके और करीब 10 हजार मत प्राप्त कर चौथे स्थान पर रहे। इस चुनाव के बाद उनका राजनीतिक संपर्क क्षेत्र और मजबूत हुआ। अगले ही वर्ष उन्हें कांग्रेस ने कौड़ीराम विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया

वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में डॉ. संजयन त्रिपाठी कांग्रेस के टिकट पर कौड़ीराम सीट से मैदान में उतरे। इस चुनाव में भी उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में उनके प्रदर्शन को क्षेत्र के अन्य कांग्रेस उम्मीदवारों की तुलना में बेहतर बताया गया है। इस तरह लगातार दो विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद संजयन त्रिपाठी ने विधान परिषद के चुनावों की ओर रुख किया

वर्ष 2010 में उन्होंने गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद चुनाव लड़ा। इस चुनाव में वह दूसरे स्थान पर रहे। इसके बाद क्षेत्र की राजनीति में उनकी सक्रियता बनी रही

वर्ष 2017 में उन्होंने दोबारा गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा। इस बार भी वह दूसरे स्थान पर रहे। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी के देवेंद्र प्रताप सिंह को 38,760 वोट मिले, जबकि संजयन त्रिपाठी को 32,196 मत प्राप्त हुए। दोनों के बीच 6,564 मतों का अंतर रहा

जनवरी 2022 में डॉ. संजयन त्रिपाठी बीजेपी में शामिल हुए थे। इससे पहले वह कांग्रेस से जुड़े रहे थे। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने पार्टी के भीतर राजनीतिक गतिविधियों में भाग लिया और विभिन्न चुनावों में दावेदारी भी की।वर्ष 2023 के गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक एमएलसी चुनाव में भी उनका नाम टिकट के दावेदारों में रहा, हालांकि पार्टी ने देवेंद्र प्रताप सिंह को उम्मीदवार बनाया। बाद में संजयन त्रिपाठी ने देवेंद्र प्रताप सिंह के समर्थन की बात कही थी

वर्ष 2026 में संजयन त्रिपाठी ने स्नातक सीट के बजाय गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। बीजेपी ने ध्रुव कुमार त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया है, जबकि संजयन त्रिपाठी ने निर्दलीय नामांकन किया है। अब उनके सपा में शामिल होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि समाजवादी पार्टी अपने पहले से घोषित प्रत्याशी कमलेश यादव के साथ चुनाव मैदान में रहती है या उम्मीदवार को लेकर कोई बदलाव करती है। इस संबंध में पार्टी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है