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3 उत्तर प्रदेश में 2 से 8 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह मनाया जाएगा। योगी सरकार के निर्देशन में वन विभाग की ओर से आयोजित इस सप्ताह का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, पशु कल्याण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर छात्रों और आमजन को जागरूक करना है। इस दौरान स्कूली बच्चों के लिए वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।वन्यजीव सप्ताह के दौरान प्रदेश के लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर समेत विभिन्न प्राणि उद्यानों में 12 वर्ष तक के बच्चों और प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले बच्चों को निःशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म और परिचय पत्र के साथ आना होगा।

वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना बरेली में ‘वाकथॉन फॉर वाइल्डलाइफ’ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।वन विभाग की ओर से राज्य पक्षी सारस, राज्य वन्य पशु बारहसिंघा, राष्ट्रीय जलीय जीव डॉल्फिन और सर्प समेत विभिन्न वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जनपद और तहसील स्तर पर विद्यालयों में भी वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव को लेकर कार्यक्रम होंगे।लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में 2 अक्टूबर को सारस प्रेक्षागृह में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। 3 अक्टूबर से कक्षा 6 से 8, 9 से 10 और 11 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए तीन वर्गों में प्रतियोगिताएं शुरू होंगी। इनमें वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण पर मास्क मेकिंग, छद्म आवरण और अनुकरण पर चित्रकला, ‘यदि वन्यजीव बोल पाते तो…’ विषय पर नुक्कड़ नाटक, वाइल्डलाइफ फैंसी ड्रेस, फेस पेंटिंग, रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिताएं शामिल हैं।

नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में प्रत्येक विद्यालय की टीम में 10 प्रतिभागी शामिल हो सकेंगे। प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 8 अक्टूबर को पुरस्कृत किया जाएगा। वन विभाग का कहना है कि वन्यजीव सप्ताह के जरिए बच्चों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण को लेकर उनकी भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

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