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10 पंजाब के लुधियाना में धार्मिक कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए धीरेंद्र शास्त्री से माफी मांगने की मांग की है, शाही इमाम का कहना है कि किसी भी धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।

शाही इमाम ने कहा कि धार्मिक विषयों पर बयान देते समय सभी धर्मों की भावनाओं और मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर धीरेंद्र शास्त्री अपनी टिप्पणी को लेकर माफी नहीं मांगते हैं, तो कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया जा सकता है, उन्होंने पंजाब को लंबे समय से विभिन्न धर्मों के बीच सामाजिक और धार्मिक सौहार्द का उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे बयानों से माहौल प्रभावित हो सकता है।

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शाही इमाम ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर इस्लाम धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया, उन्होंने कहा कि पंजाब में हिंदू, मुस्लिम और सिख समुदाय लंबे समय से साथ रहते आए हैं और धार्मिक मुद्दों पर बयान देते समय इस सामाजिक सौहार्द का ध्यान रखा जाना चाहिए, शाही इमाम के मुताबिक, अगर धीरेंद्र शास्त्री अपने शब्द वापस लेते हैं तो मामला आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं होगी वहीं, माफी नहीं मांगे जाने की स्थिति में पंजाब पुलिस से शिकायत करने की बात कही गई है।

विवाद उस टिप्पणी को लेकर है जो कथित तौर पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धार्मिक कथा के दौरान अपने अनुयायियों को संबोधित करते हुए की थी, उनके बयान का एक वीडियो भी चर्चा में आया है, जिसके बाद इस पर आपत्ति जताई गई, शाही इमाम ने इसी टिप्पणी को धार्मिक भावनाओं से जोड़ते हुए आपत्ति दर्ज कराई है वहीं, विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है, उन्होंने कहा कि वह किसी भी धर्म, मजहब या परंपरा के खिलाफ नहीं हैं, उनका कहना है कि उनका विरोध उन रूढ़िवादी बातों से है, जिनके बारे में उनका मानना है कि वे सामाजिक माहौल को प्रभावित करती हैं, उन्होंने अपने उद्देश्य को “जगो और जगाओ” बताते हुए अपनी बात स्पष्ट की।

फिलहाल इस मामले में दोनों पक्षों के बयान सामने आ चुके हैं, शाही इमाम की ओर से माफी और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है, जबकि धीरेंद्र शास्त्री ने किसी धर्म के खिलाफ होने से इनकार करते हुए अपनी टिप्पणी को लेकर सफाई दी है, अब देखना होगा कि इस विवाद पर आगे कोई औपचारिक शिकायत या कानूनी कार्रवाई होती है या मामला दोनों पक्षों के बयानों तक सीमित रहता है।

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