बीबीडी के जगपाल खेड़ा में सरेआम मारपीट का वीडियो सामने आने का दावा, घायल संतोष यादव को जान से मारने की धमकी देकर आरोपी फरार; सवाल—मोहल्ले में इतने लोगों के बीच…

बीबीडी के जगपाल खेड़ा में सरेआम मारपीट का वीडियो सामने आने का दावा, घायल संतोष यादव को जान से मारने की धमकी देकर आरोपी फरार; सवाल—मोहल्ले में इतने लोगों के बीच कैसे मचा तांडव?

लखनऊ। लखनऊ में जमीन और प्लॉट के विवाद अब खूनी संघर्ष का रूप लेते नजर आ रहे हैं। बीबीडी थाना क्षेत्र के जगपाल खेड़ा में प्लॉट के विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच ऐसा टकराव हुआ कि मारपीट में धारदार हथियार तक इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। पीड़ित संतोष यादव का आरोप है कि उनके भाई विनोद यादव ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन पर और उनके एक साथी पर हमला किया। हमलावरों की संख्या 30 से 35 के बीच थी। सिर और शरीर पर कई वार किए गए, जिससे संतोष लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना का वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है। अब सवाल सिर्फ जमीन के विवाद का नहीं, बल्कि सरेआम हुई इस गुंडागर्दी और कानून-व्यवस्था का भी है।

प्लॉट के विवाद ने लिया हिंसक रूप, भाई पर हमले का आरोप

जानकारी के मुताबिक, जगपाल खेड़ा निवासी संतोष यादव का अपने भाई विनोद यादव से प्लॉट को लेकर विवाद चल रहा था। रविवार दोपहर विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया। आरोप है कि इसी दौरान विनोद यादव ने अपने कई साथियों को मौके पर बुला लिया और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मौके पर पहुंचे लोगों ने संतोष यादव और उनके एक साथी को घेरकर पीटा। मारपीट के दौरान बांस से सिर और शरीर पर कई वार किए गए। इसी बीच एक युवक द्वारा धारदार हथियार से हमला किए जाने का भी आरोप है। हमले में संतोष गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।

30 से 35 हमलावरों का दावा, मोहल्ले में मचा हड़कंप

घटना को लेकर दावा किया जा रहा है कि मौके पर 30 से 35 लोग मौजूद थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मारपीट के दौरान गाली-गलौज और हंगामे से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। आरोप है कि करीब 15 मिनट तक विवाद और मारपीट चलती रही।स्थानीय लोगों ने पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में कई लोग मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो में नजर आ रहे लोगों की वास्तविक संख्या, उनकी पहचान और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

जान से मारने की धमकी देकर फरार होने का आरोप

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मारपीट के बाद हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। संतोष यादव के घायल होने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया। अब पुलिस के सामने घटना में शामिल लोगों की पहचान करने हमले में इस्तेमाल हथियार का पता लगाने और वीडियो के आधार पर साक्ष्य जुटाने की चुनौती है।

सरेआम मारपीट पर पुलिस की कार्रवाई कितनी तेज?

इस घटना ने बीबीडी क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। अगर प्लॉट के विवाद में इतनी बड़ी संख्या में लोग जुटे और खुलेआम मारपीट हुई,तो घटना की गंभीरता के अनुरूप कार्रवाई कितनी तेजी से हो रही है? क्या वीडियो के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान की जा रही है? क्या धारदार हथियार से हमले की भी जांच हो रही है?ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब पुलिस की जांच और कार्रवाई से मिलना चाहिए। केवल मुकदमा दर्ज होना ही पर्याप्त नहीं होगा।मामले में शामिल लोगों की पहचान, साक्ष्यों का संकलन और कानून के मुताबिक कार्रवाई भी जरूरी है।

पुलिस का दावा—मुकदमा दर्ज, आरोपियों पर कार्रवाई की तैयारी

मामले में एसीपी विभूतिखंड के मुताबिक, विवाद प्लॉट को लेकर हुआ था। उन्होंने बताया कि पीड़ित की हालत ठीक है और मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।अब देखना होगा कि पुलिस वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कितने लोगों की पहचान कर पाती है और आरोपियों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती हैं।

बड़ा सवाल: जमीन का विवाद या कानून को खुली चुनौती?

राजधानी में जमीन और प्लॉट को लेकर होने वाले विवादों में हिंसा की घटनाएं नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं। जगपाल खेड़ा की इस घटना में भी सबसे अहम बात यह है कि विवाद को हिंसक रूप लेने से रोकने और दोषियों की पहचान कर कार्रवाई करने में पुलिस कितनी प्रभावी रहती है।संतोष यादव पर हमले के आरोपों के बीच अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या वीडियो के आधार पर सभी आरोपियों तक पहुंचा जाएगा? क्या धारदार हथियार से हमले की जांच में स्थिति स्पष्ट होगी? और क्या पीड़ित परिवार को निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा मिल सकेगा? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने और पुलिस की आगे की कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे।