लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सनातन रक्षा संगठन की ओर से लगाए गए ‘भारत विरोधी दशानन रावण’ के पोस्टर चर्चा में हैं। पोस्टर में दिवंगत अतीक अहमद को रावण…
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सनातन रक्षा संगठन की ओर से लगाए गए ‘भारत विरोधी दशानन रावण’ के पोस्टर चर्चा में हैं। पोस्टर में दिवंगत अतीक अहमद को रावण के रूप में दिखाया गया है, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क समेत नौ चर्चित चेहरों को जगह दी गई है। संगठन ने इन चेहरों को शामिल करने के पीछे भारत विरोधी गतिविधियों और बयानों का आरोप लगाया है।
पोस्टर में भारतीय राजनीति से जुड़े नामों के साथ विदेशी हस्तियों को भी शामिल किया गया है। इस वजह से यह पोस्टर राजनीतिक विमर्श के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को लेकर संगठन के नजरिये के कारण भी चर्चा का विषय बन गया है।
संगठन की ओर से लगाए गए पोस्टर में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और एलन मस्क के अलावा मोहम्मद यूनुस, इल्हान उमर, जॉर्ज सोरोस और मुख्तार अंसारी के चेहरे भी शामिल बताए गए हैं। अतीक अहमद को रावण के रूप में दिखाकर पोस्टर को प्रतीकात्मक रूप दिया गया है।
पोस्टर के शीर्षक ‘भारत विरोधी दशानन रावण’ के जरिए संगठन ने इन सभी चेहरों को एक साझा संदेश के तहत प्रस्तुत किया है। हालांकि, पोस्टर में शामिल सभी लोगों की भूमिका, उनके बयानों और संगठन की ओर से लगाए गए आरोपों को अलग-अलग तथ्यों के आधार पर देखना जरूरी है।
सनातन रक्षा संगठन का कहना है कि पोस्टर उन लोगों के विरोध में लगाए गए हैं, जिन पर वह भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने या देश के खिलाफ बयान देने के आरोप लगाता है। संगठन ने यह भी दावा किया कि भारत में तख्तापलट का ख्वाब देखने वालों को रावण के प्रतीक के जरिए दिखाया गया है।
यह संगठन का पक्ष है। उपलब्ध जानकारी में ऐसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि करने वाले दस्तावेज या प्रमाण नहीं दिए गए हैं। इसलिए पोस्टर में नाम शामिल होने को अपने आप में किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप साबित होने के रूप में नहीं देखा जा सकता।
पोस्टर में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ विदेशी कारोबारी, राजनीतिक हस्तियों और अन्य चर्चित नामों को शामिल करने से राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की संभावना बनती है। खासकर राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेताओं को इस तरह की प्रतीकात्मक प्रस्तुति में शामिल करना राजनीतिक बहस को जन्म दे सकता है।
वहीं, एलन मस्क, मोहम्मद यूनुस, इल्हान उमर और जॉर्ज सोरोस जैसे अंतरराष्ट्रीय चेहरों को भी पोस्टर में जगह दी गई है। संगठन ने इनके संबंध में अपना आरोप आधारित नजरिया प्रस्तुत किया है, लेकिन संबंधित व्यक्तियों की प्रतिक्रिया या आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
लखनऊ में लगाए गए ‘भारत विरोधी दशानन रावण’ पोस्टर ने संगठन की ओर से व्यक्त किए गए राजनीतिक और वैचारिक विरोध को सार्वजनिक रूप दिया है। हालांकि, किसी व्यक्ति को पोस्टर में दिखाना या उसके खिलाफ आरोप लगाना, उन आरोपों की पुष्टि नहीं करता। मामले पर किसी संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल पोस्टर और उसमें शामिल चेहरों को लेकर संगठन के दावों को उसी के बयान के रूप में देखना जरूरी है।






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