मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज से कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा सियासी हमला बोला। तेलियरगंज चौराहे पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संविधा…
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज से कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा सियासी हमला बोला। तेलियरगंज चौराहे पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संविधान सभा के सदस्य और पूर्व सांसद महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को यह बात नोट कर लेनी चाहिए कि देश की आजादी के लिए केवल पंडित जवाहरलाल नेहरू ही जेल नहीं गए थे, बल्कि मसुरियादीन पासी जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों ने भी वर्षों तक जेल की यातनाएं सही थीं। उन्होंने कहा कि देश और समाज के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों का सम्मान किसी एक परिवार की बपौती नहीं हो सकता।मुख्यमंत्री ने कहा कि महाशय मसुरियादीन पासी ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपने जीवन के नौ वर्ष जेल में बिताए और रिहाई के बाद भी समाज को जागरूक करने तथा आजादी की अलख जगाने का कार्य जारी रखा। उनका संघर्ष केवल देश की स्वतंत्रता तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने दलितों, वंचितों और शोषित समाज को सम्मानजनक जीवन दिलाने के लिए भी लंबी लड़ाई लड़ी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि तेलियरगंज के जिस चौराहे पर महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा स्थापित की गई है, उसका नाम अब उन्हीं के नाम पर रखा जाएगा। इसके लिए उन्होंने महापौर से प्रस्ताव तैयार करने को कहा। साथ ही प्रयागराज की किसी प्रमुख संस्था का नाम भी महाशय मसुरियादीन पासी के नाम पर रखने और वहां उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की। सीएम योगी ने कहा कि जो समाज अपने महापुरुषों और उनके बलिदान को भूल जाता है, वह अपने उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव नहीं रख सकता। अतीत का सम्मान करके ही वर्तमान को संवारा जा सकता है और बेहतर वर्तमान ही उज्ज्वल भविष्य का आधार बनता है।मुख्यमंत्री ने महाशय मसुरियादीन पासी के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जन्म 2 अक्टूबर 1911 को हुआ था। वर्ष 1946 में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने। इसके बाद स्वतंत्र भारत में 1952 से 1972 के बीच चार बार लोकसभा के लिए चुने गए।
सीएम ने बताया कि वर्ष 1952 के आम चुनाव में जब एक संसदीय क्षेत्र से दो सांसद चुने जाने की व्यवस्था थी, तब पंडित जवाहरलाल नेहरू और महाशय मसुरियादीन पासी एक साथ संसद पहुंचे थे। इसके बावजूद इतिहास में उनके योगदान को अपेक्षित स्थान नहीं मिला।मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार विकास के साथ विरासत के संरक्षण में भी विश्वास रखती है। यही कारण है कि इतिहास में उपेक्षित रहे महापुरुषों की स्मृतियों को फिर से जीवंत करने का कार्य किया जा रहा है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेजों ने 1871 में आपराधिक जनजाति अधिनियम लागू किया था। इस कानून के जरिए पासी सहित कई समुदायों को अपराधी घोषित कर सामाजिक अपमान और उत्पीड़न का शिकार बनाया गया।उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और महाशय मसुरियादीन पासी जैसे महापुरुषों ने इस अन्यायपूर्ण व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई। मसुरियादीन पासी ने संसद में भी इस कानून के खिलाफ संघर्ष किया। उनके प्रयासों ने वंचित और दलित समाज को सम्मान तथा अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने पासी समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए महाराजा बिजली पासी, वीर मक्का पासी और वीरांगना ऊदा देवी के साहस एवं बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि महाराजा बिजली पासी ने 12वीं शताब्दी में लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में 12 किलों का निर्माण कराया था। वहीं, स्वतंत्रता संग्राम में वीर मक्का पासी ने अंग्रेजों से लड़ते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनके बलिदान के बाद वीरांगना ऊदा देवी ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा संभाला और अदम्य साहस का परिचय देते हुए वीरगति प्राप्त की।मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने लखनऊ में महाराजा बिजली पासी के किले के पुनरुद्धार का कार्य कराया है। इसके साथ ही वीरांगना ऊदा देवी के नाम पर पीएसी बटालियन का गठन किया जा रहा है और उनकी भव्य अश्वारोही प्रतिमा भी स्थापित की जा रही है। सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार विशेष तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जिन्होंने देश की आजादी, समाज के उत्थान और दलितों-वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, उन्हें इतिहास में उचित स्थान और सम्मान मिलना ही चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ऐसे महानायकों की विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक उनके संघर्ष की गाथा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।






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