तमिलनाडु की राजनीति में नए सियासी समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दक्षिण भारत में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्ट्री…

तमिलनाडु की राजनीति में नए सियासी समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दक्षिण भारत में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कषगम (TVK) का साथ मिल गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने अपनी आवाज तेज कर दी है। इसी कड़ी में TVK, कांग्रेस और INDIA ब्लॉक की अन्य पार्टियां चेन्नई में ‘डेमोक्रेसी बचाओ’ अभियान के तहत प्रदर्शन करेंगी।

इस प्रदर्शन को तमिलनाडु में विपक्षी एकजुटता के लिहाज से अहम माना जा रहा है। TVK के इसमें शामिल होने से कांग्रेस को राज्य में नया राजनीतिक समर्थन मिला है। अब देखना होगा कि यह एकजुटता आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और विपक्षी रणनीति को किस तरह प्रभावित करती है।

तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के मुताबिक, प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेता बी. मणिक्कम टैगोर करेंगे। इसमें राज्य के विपक्षी गठबंधन से जुड़ी सात पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की है। विपक्ष SIR प्रक्रिया को लेकर भी चुनाव आयोग से जवाबदेही मांग रहा है।

प्रदर्शन में TVK नेता और स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन, VCK अध्यक्ष और सांसद थोल थिरुमावलवन, MDMK महासचिव वाइको और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के प्रमुख के.एम. कादर मोहिद्दीन समेत कई नेताओं के शामिल होने की बात कही गई है। इनके अलावा CPI(M) के राज्य सचिव पी. शनमुगम, CPI के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन, CPI(ML) के राज्य सचिव पाला असैदम्बी और तमिलनाडु के लिए AICC प्रभारी निवेदिता अल्वा भी प्रदर्शन में भाग लेंगे।

TVK का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि INDIA ब्लॉक में शामिल होने के बाद यह CEC को हटाने की मांग को लेकर उसका पहला ऐसा प्रदर्शन बताया जा रहा है। कांग्रेस नेता मणिक्कम टैगोर ने इसे विपक्षी एकता के लिहाज से ऐतिहासिक कदम बताया था। SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर बड़े विरोध प्रदर्शन की घोषणा के बाद यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

इससे पहले TVK के प्रदर्शन में शामिल नहीं होने को लेकर सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (DMK) ने सवाल उठाए थे। 2 अक्टूबर को DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने विजय की चुप्पी पर सवाल करते हुए आरोप लगाया था कि वह भाजपा की आलोचना करने से बच रहे हैं। DMK ने SIR के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ पुलिस के कथित बल प्रयोग पर भी सवाल उठाए थे।

तमिलनाडु में कांग्रेस और DMK के बीच मतभेद भी चर्चा में हैं। दी गई जानकारी के मुताबिक, 12 अक्टूबर को DMK ने INDIA ब्लॉक से बाहर निकलने की घोषणा करते हुए कांग्रेस पर धोखा देने का आरोप लगाया था। पार्टी ने कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों और गठबंधन के भीतर बढ़ते मतभेदों को लेकर नाराजगी जताई थी।

इसी बीच राहुल गांधी और विजय की 10 अक्टूबर को हुई मुलाकात के बाद सियासी घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया। TVK के INDIA ब्लॉक में शामिल होने के बाद दोनों नेताओं की मुलाकात और साथ आने को विपक्षी तालमेल के संकेत के तौर पर देखा गया। अब चेन्नई में होने वाला प्रदर्शन इस नए समीकरण की पहली बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।