मुख्यमंत्री ने कहा, विकसित और मजबूत राष्ट्र के लिए नशामुक्त समाज आवश्यक है
जयपुर, अक्टूबर 2026: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को कहा कि विजयादशमी केवल रावण के वध का जश्न मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि सामाजिक बुराइयों और हानिकारक प्रथाओं को खत्म करने का संकल्प लेने का भी अवसर है।
विजयादशमी के अवसर पर जयपुर के आदर्श नगर में आयोजित रावण दहन उत्सव को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन लोक कल्याण, नैतिक मूल्यों के पालन, आदर्श आचरण और सनातन संस्कृति की रक्षा का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के आदर्शों पर चलकर समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए काम करना ही राम राज्य की स्थापना का सच्चा मार्ग है
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और मजबूत करते हुए विकास को बढ़ावा देने के ऐतिहासिक प्रयास किये जा रहे हैं।
उन्होंने अयोध्या में रामलला की प्रतिष्ठा, काशी विश्वनाथ धाम के पुनर्विकास, उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण और सोमनाथ की गौरवशाली विरासत को मनाने के प्रयासों को उन पहलों के रूप में उद्धृत किया, जिन्होंने देश की सांस्कृतिक चेतना में नई ऊर्जा का संचार किया है।
शर्मा ने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट हवाई हमले और ऑपरेशन सिन्दूर का हवाला देते हुए आतंकवाद से निपटने के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई से देश में शांति और सुरक्षा का माहौल और मजबूत हुआ है
राजस्थान सरकार सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए काम कर रही है
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और धार्मिक स्थलों को विकसित करने के लिए भी निरंतर प्रयास कर रही है
उन्होंने कहा कि मंदिरों के विकास और पुनर्निर्माण, संतों और लोक परंपराओं को समर्पित पैनोरमा का निर्माण और सरकार द्वारा प्रबंधित मंदिरों में पूरे साल त्योहारों और समारोहों के आयोजन जैसी पहल ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में मदद की है।






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