योगी सरकार का श्रमिकों को दिवाली से पहले तोहफा, न्यूनतम मजदूरी में ₹238 तक की बढ़ोतरी -

Yogi Government Revises Minimum Wages, Workers to Get Up to ₹238 Additional Monthly Benefit.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में संशोधन करते हुए परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (VDA) की नई दरें निर्धारित की हैं। प्रदेश के 74 अनुसूचित नियोजनों में लागू इस संशोधन से अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों को लाभ मिलेगा। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी।
श्रम विभाग की ओर से 21 अक्टूबर 2026 को जारी शासनादेश के अनुसार, श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी में ₹174.25 से लेकर ₹238.39 तक की वृद्धि की गई है। यह संशोधन जनवरी से जून 2026 की अवधि के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत 431 अंकों के आधार पर किया गया है। इसका उद्देश्य महंगाई में हुए बदलाव के अनुरूप श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का लाभ देना है।
गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी में श्रेणीवार संशोधन किया गया है।
इन दरों के तहत अकुशल श्रमिकों को हर महीने ₹193.59, अर्द्धकुशल श्रमिकों को ₹212.41 और कुशल श्रमिकों को ₹238.39 का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद को छोड़कर नगर निगम वाले जनपदों में भी न्यूनतम मासिक मजदूरी की नई दरें निर्धारित की गई हैं।
इस श्रेणी में श्रमिकों को हर महीने ₹183.68 से ₹225.86 तक का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
प्रदेश के शेष जनपदों में अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी में भी वृद्धि की गई है।
इन जनपदों में श्रमिकों को हर महीने ₹174.25 से ₹214.42 तक का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
श्रमिकों को देय परिवर्तनीय महंगाई भत्ते की गणना जनवरी से जून 2026 तक के औसत अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के 431 अंकों के आधार पर की गई है। इसमें 400 अंकों के पूर्व निर्धारित आधार स्तर से ऊपर सूचकांक में हुई वृद्धि को ध्यान में रखा गया है।
सरकारी व्यवस्था के अनुसार, न्यूनतम मजदूरी की दैनिक दर मासिक मजदूरी के 1/26 के अनुपात में निर्धारित होगी। साथ ही, जिन कर्मचारियों को पहले से निर्धारित दरों के अनुसार अधिक मजदूरी मिल रही है, उनकी मौजूदा अधिक मजदूरी जारी रखी जाएगी।
श्रम विभाग ने संबंधित नियोजकों, औद्योगिक इकाइयों और प्रतिष्ठानों से श्रमिकों को संशोधित दरों के अनुसार न्यूनतम मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है। भुगतान के दौरान श्रमिक की कुशलता की श्रेणी और संबंधित क्षेत्र में लागू न्यूनतम मजदूरी दर का ध्यान रखना होगा।
नई दरें लागू होने से प्रदेश के संबंधित अनुसूचित नियोजनों में काम करने वाले श्रमिकों को संशोधित न्यूनतम मासिक पारिश्रमिक मिलेगा। यह व्यवस्था महंगाई में बदलाव के अनुरूप न्यूनतम मजदूरी तय करने और श्रमिकों के पारिश्रमिक से जुड़े प्रावधानों को लागू करने के लिए की गई है।
स्रोत: Filmitics
