भारत DAP और भूमि क्रांति ब्रांड के नाम पर बेची जा रही थी नकली खाद, हरियाणा के हिसार से मंगाई गई थी खेप; ट्रक-ट्रेलर और फर्जी बिल-बाउचर भी बरामद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाले नकली खाद के कारोबारियों के खिलाफ STF ने बड़ी कार्रवाई की है। हरदोई जिले में छापेमारी कर अलग-अलग फर्टिलाइजर कंपनियों के नाम पर नकली खाद बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। कार्रवाई के दौरान 820 बोरी नकली DAP खाद बरामद की गई, जबकि मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। STF अब गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

किसान सेवा केंद्र पर उतारी जा रही थी नकली खाद की खेप

STF की कार्रवाई हरदोई के पिहानी थाना क्षेत्र स्थित एक किसान सेवा केंद्र पर हुई। यहां नकली DAP खाद की खेप उतारी जा रही थी। जांच के दौरान टीम ने मौके से 820 बोरी खाद बरामद की। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, खाद को अलग-अलग फर्टिलाइजर कंपनियों के ब्रांड के नाम पर बेचने की तैयारी थी।

हरियाणा के हिसार से मंगाई गई थी खाद

जांच में सामने आया कि नकली DAP खाद की खेप हरियाणा के हिसार से मंगाई गई थी। खाद को ‘भारत DAP’ और ‘भूमि क्रांति’ ब्रांड के नाम पर लाया गया था। इस तरह कथित तौर पर नामी ब्रांड के जरिए किसानों तक नकली खाद पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।

ट्रक-ट्रेलर और फर्जी बिल-बाउचर बरामद

STF ने मौके से खाद की ढुलाई में इस्तेमाल किया जा रहा ट्रक-ट्रेलर भी बरामद किया है। वाहन का नंबर HR 46 G 5567 बताया गया है। इसके अलावा, कार्रवाई के दौरान फर्जी बिल-बाउचर भी मिले हैं। जांच एजेंसियां इन दस्तावेजों के आधार पर खाद की आपूर्ति और बिक्री से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।

खीरी निवासी अखिलेश कुमार गिरफ्तार

STF ने इस मामले में खीरी निवासी अखिलेश कुमार को हरदोई से गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ के जरिए गिरोह के अन्य सदस्यों और नकली खाद की सप्लाई से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।

गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश में STF

मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। STF गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। साथ ही, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नकली खाद की कितनी खेप पहले सप्लाई की गई और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।*नकली खाद की बिक्री किसानों की फसल और आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर डाल सकती है। ऐसे में STF की इस कार्रवाई को नकली कृषि उत्पादों के कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।