उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में आज उस वक्त जमकर हंगामा हो गया, जब नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना कार्यालय पहुंचीं। इस दौरान कार्यालय…

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में आज उस वक्त जमकर हंगामा हो गया, जब नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना कार्यालय पहुंचीं। इस दौरान कार्यालय में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। इसी बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी कार्यालय पहुंचे। लेकिन कुछ ही देर में कार्यकर्ताओं के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया और देखते ही देखते मामला हंगामे में तब्दील हो गया।

बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान अजय राय के साथ बदसलूकी और धक्कामुक्की किए जाने की बात सामने आई, जिससे वह नाराज हो गए। घटनाक्रम से आहत अजय राय कांग्रेस कार्यालय से वापस जाने लगे। उनके जाने की खबर के साथ ही समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई और कार्यालय परिसर में जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई। समर्थकों ने अजय राय के समर्थन में नारे लगाए और हर-हर महादेव के जयकारे भी गूंजने लगे।

मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया, जब अजय राय के समर्थक अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर करने लगे। कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते तनाव और नारेबाजी से कांग्रेस कार्यालय का माहौल गरमा गया। पार्टी के भीतर इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।

इसी दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी तथा उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना भी मौके पर पहुंचीं। दोनों नेताओं ने स्थिति को संभालने और विवाद को शांत कराने की कोशिश की। आराधना मिश्रा मोना ने मौके की नजाकत को समझते हुए अजय राय के समर्थकों से बातचीत की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने का प्रयास किया।

आराधना मिश्रा मोना ने आश्वासन दिया कि अजय राय के साथ यदि किसी तरह की बदसलूकी की गई है, तो मामले की जानकारी लेकर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनके हस्तक्षेप और समझाने-बुझाने के बाद स्थिति को शांत करने का प्रयास किया गया। इसके बाद अजय राय कुछ देर बाद दोबारा कांग्रेस कार्यालय के भीतर दाखिल हो गए।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के भीतर आपसी तालमेल और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ पार्टी नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ प्रदेश कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं के सामने इस तरह का विवाद संगठन की एकजुटता पर सवाल उठाने लगा है।

क्या आराधना मिश्रा मोना के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस में गुटबाजी तेज हो रही है?

यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि विवाद में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से जुड़े समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने आई। हालांकि, केवल इस घटना के आधार पर कांग्रेस में दो गुट बनने या किसी बड़े आंतरिक संघर्ष का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। विवाद की असली वजह, धक्कामुक्की के आरोपों की पुष्टि और पूरे मामले में पार्टी नेतृत्व की आगे की कार्रवाई अहम होगी।

फिलहाल, प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुए इस हंगामे ने पार्टी की अंदरूनी राजनीति को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस विवाद को किस तरह सुलझाता है और क्या पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय कायम करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं।