माइक्रोबायोलॉजिकल परीक्षण में 242 नमूनों में से 146 अवमानक, 57 असुरक्षित पाए गए

असुरक्षित नमूनों वाली इकाइयों का उत्पादन तत्काल रोकने के निर्देश

घटिया इकाइयों में सुधार के लिए नोटिस; उन्हें निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करना होगा

निर्धारित अवसर दिए जाने के बावजूद सुधार नहीं करने वाली इकाइयों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी

लखनऊ, अक्टूबर 2026 : प्रदेश में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पैकेज्ड पेयजल उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने सख्त कदम उठाये हैं। पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर और पैकेज्ड मिनरल वाटर की विनिर्माण इकाइयों में एक विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान लिए गए 242 से अधिक नमूनों की प्रयोगशाला परीक्षणों में 146 नमूने घटिया पाए गए और 57 नमूने सूक्ष्मजीवविज्ञानी परीक्षण में असुरक्षित पाए गए। इन नतीजों के बाद विभाग ने संबंधित इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिये हैं

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने 13 अक्टूबर को जारी आदेश में निर्देश दिया है कि असुरक्षित नमूनों से जुड़ी विनिर्माण इकाइयों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए जाएं और उनका उत्पादन तुरंत बंद कर दिया जाए। इस बीच, घटिया नमूने वाली पाई गई इकाइयों को नोटिस के माध्यम से सुधार के लिए कहा गया है, ताकि कमियों को दूर किया जा सके और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी

विभाग ने सभी संबंधित सहायक आयुक्त (खाद्य) को प्रयोगशाला निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक इकाई के मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इसका उद्देश्य केवल खामियों को सामने लाना नहीं है, बल्कि पेयजल निर्माण में गुणवत्ता मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना भी है, ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न हो।

चूक सूक्ष्मजीवविज्ञानी रिपोर्टों पर आधारित हैं